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३०६
 
गौडपादीय-
 
पृष्टम्
 
पृष्ठम्
 
अलब्धावरणाः सर्वे
 
२२८
 

 
अलाते स्पन्दमाने वै
 
२०६
 
उत्पादस्याप्रसिद्धत्वात्
 
२००
 
अवस्त्वनुपलम्भं च
 
२२२
 
उत्सेक उदधेर्यद्वत्
 
१७५
 
अव्यक्ता एव येऽन्तस्तु
 
१३०
 
उपलम्भात्समाचाराद० २०३
 
अशक्तिरपरिज्ञानं
 
१८९
 
उपलम्भात्समाचारान्मा० २०२
 
असजागरिते दृष्ट्वा
 
२००
 
उपायेन निगृह्णीयात्
 
१७५
 
असतो मायया जन्म
 
१६७
 
उपासनाश्रितो धमों
 
१४४
 
अस्ति नास्त्यस्ति नास्ती ० २१९
 
उभयोरपि वैतथ्यं
 
१२८
 
अस्पन्दमानमलातम्
 
२०५
 
उभे ह्यन्योन्यदृश्ये ते
 
२१३
 
अस्पर्शयोगो वै नाम
 
१७४
 
ऋ.
 
अस्पर्शयोगो वै नाम
 
१८१
 
ऋजुवक्रादिकाभासम्
 
२०५
 

 

 
आत्मसत्यानुबोधेन
 
१६८ एतैरेषोऽपृथग्भावैः
 
१३४
 
आत्मा ह्याकाशवजीवैः
 
१४६
 
एवं न चित्तजा धर्माः
 
२.८
 
आदावन्ते च यन्नास्ति
 
१२५
 
एवं न जायते चित्तम्
 
२०५
 
आदावन्ते च यन्नास्ति
 
१९८
 
ओंकारं पादशो विद्यात्
 
११९
 
आदिबुद्धाः प्रकृत्यैव
 
२२५
 

 
आदिशान्ता ह्यनुत्पन्नाः
 
२२५
 
कल्पयत्यात्मनात्मानम्
 
१२८
 
आश्रमास्त्रविधा हीन ०
 
१५७
 
कारणं यस्य वै कार्य
 
१८५
 

 
कारणाद्यद्यनन्यत्वम्
 
१८६
 
इच्छामात्रं प्रभोः सृष्टिः
 
१०२ कार्यकारणबद्धौ तौ
 
१०८