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८७.६
 
सूत्रानुक्रमणिका ।
 
पृष्ठम्
 
पृष्ठम्
 
गतिशब्दाभ्यां तथा....
 
१६९
 
जन्माद्यस्य यतः
 
९
 
गतिसामान्यात्
 
४७
 
जीवमुख्यप्राणलिङ्गान्नेति ८७
 
गतेरर्थवत्त्वमुभयथा.... ६६३ जीवमुख्यप्राणलिङ्गान्नेति... २५८
 
गुणसाधारण्यश्रुतेश्व
 
गुणाद्वा लोकवत्
 
७१२
 
ज्ञेयत्वावचनाच्च
 
२३३
 
४५६
 
ज्ञोऽत एव
 
४५०
 
गुहां प्रविष्टावात्मानौ ... १०६
 
गौणश्चेन्नात्मशब्दात्
 
गौण्यसंभवात्
 
ज्योतिराद्यधिष्ठानं तु... ५११
 
४१
 
●
 
ज्योतिरूपक्रमा तु....
 
२४२
 
४२३
 
ज्योतिर्दर्शनात्
 
२१६
 
४९५
 
ज्योतिश्चरणाभिधानात्
 
""
 
७३
 
च
 
ज्योतिषि भावाच्च
 
२०३
 
चक्षुरादिवत्तु तत्सह •
 
५०७ ज्योतिषैकेषामसत्यन्ने
 
२४९
 
चमसवदविशेषात्
 
२४०
 
त
 
चरणादिति चेन्नोपल ०
 
५४४
 
इन्द्रियाणि तद्व्यपदे ०
 
५१४
 
चराचरव्यपाश्रयस्तु...
 
४४५ तच्छ्रुतेः
 
७२०
 
चिति तन्मात्रेण तदा०
 
८५१
 
तडितोऽधि वरुणः सं०
 
८२५
 
.
 
छ
 
तत्तु समन्वयात्
 
१५
 
छन्दत उभयाविरोधात् ६६३
 
छन्दोभिधानान्नेति...
 
ज
 
तत्पूर्वकत्वाद्वाचः
 
४९७
 
७८
 
तत्प्राक्तेश्व
 
४९७
 
तत्रापि च तद्वयापारा ०
 
५४८
 
जगद्वाचित्वात्
 
२५५
 
तथा च दर्शयति
 
४५८
 
जगद्वयापारवर्ज प्रक०
 
८५८ तथाचैकवाक्यतोपबन्धात् ७३६