2026-02-28 06:50:30 by ambuda-bot
This page has not been fully proofread.
१०
श्रीरामभुजङ्गप्रयातस्तोत्रम् ।
प्रसीद प्रसीद प्रचण्डप्रताप
प्रसीद प्रसीद प्रचण्डारिकाल ।
प्रसीद प्रसीद प्रपन्नानुकम्पिन्
प्रसीद प्रसीद प्रभो रामचन्द्र ॥ २८ ॥
भुजङ्गप्रयातं परं वेदसारं
मुदा रामचन्द्रस्य भक्त्या च नित्यम् ।
पठन्सन्ततं चिन्तयन्स्वान्तरङ्गे
स एव स्वयं रामचन्द्रः स धन्यः ॥ २९ ॥
इति श्रीमत्परमहंसपरिव्राजकाचार्यस्य
श्रीगोविन्दभगवत्पूज्यपादशिष्यस्य
श्रीमच्छंकरभगवतः कृतौ
श्रीरामभुजङ्गप्रयातस्तोत्रम् -
संपूर्णम् ॥
**
श्रीरामभुजङ्गप्रयातस्तोत्रम् ।
प्रसीद प्रसीद प्रचण्डप्रताप
प्रसीद प्रसीद प्रचण्डारिकाल ।
प्रसीद प्रसीद प्रपन्नानुकम्पिन्
प्रसीद प्रसीद प्रभो रामचन्द्र ॥ २८ ॥
भुजङ्गप्रयातं परं वेदसारं
मुदा रामचन्द्रस्य भक्त्या च नित्यम् ।
पठन्सन्ततं चिन्तयन्स्वान्तरङ्गे
स एव स्वयं रामचन्द्रः स धन्यः ॥ २९ ॥
इति श्रीमत्परमहंसपरिव्राजकाचार्यस्य
श्रीगोविन्दभगवत्पूज्यपादशिष्यस्य
श्रीमच्छंकरभगवतः कृतौ
श्रीरामभुजङ्गप्रयातस्तोत्रम् -
संपूर्णम् ॥
**