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श्लोकानुक्रमणिका ।
 
१५३
 
पवित्रं चरित्रं
पश्यत्रशुद्धोऽप्यक्षर
 
पश्यञ्शृण्वन्नत्र
 
पातात्पातालपातात्
 
पृष्ठम्
 

 
पृष्ठम्
 
प्रह्लादनारदपराशर
 
१७
 
४९
 
प्राणानायम्यो मिति
 
४६
 
४८.
 
प्राणायामं
 
६९
 
३२ प्राणो वाहं वाक्
 
५३.
 
पातालं यस्य नालं
 
२८
 
प्रातः स्मरामि
 
११२
 
पादाम्भोजन्मसेवा
 
२६
 
प्रातर्नमामि
 
११२
 
पायाद्भक्तं स्वात्मनि
 
५५
 
प्रातर्भजामि
 
११२
 
पाहि मामुमामनोज
 
१२६
 
प्राप्तं पदं प्रथमतः
 
७१.
 
पीठीभूतालकान्तं
 
३३
 

 
पीतेन द्योतते
 
२७
 
बद्धा गले यमभटा
 
१६.
 
पुण्यपापरजः सङ्गो
 
१०८
 
बालस्तावत्
 
६३
 
पुनरपि जननं
 
६७ ब्राह्नन्तरे मधुजितः
 
७१.
 
पुरः प्राञ्जलीनाञ्जनेया०
 

 
बृन्दावनभुवि
 
५८
 
पूर्णस्यावाहनं
 
१०७
 
ब्रह्मन्ब्रह्मण्यजिह्मां
 
३१.
 
पूर्वोत्तरे पालिका •
 
१३१
 
ब्रह्ममस्तकावली
 
१२३-
 
पृथिव्यां तिष्ठन्यो
 
४३
 
ब्रह्माण्डं खण्डयन्ती
 
१०१
 
प्रचण्डप्रतापप्रभावा०
 

 
ब्रह्मानन्दजलेनैव
 
१०९.
 
प्रदीप्तरत्नोज्ज्वल
 
१३६
 
ब्रह्मानन्दाब्धि
 
१०८
 
प्रपञ्चसृष्टयुन्मुख
 
१३५
 
ब्रह्मा विष्णू रुद्र
 
४९
 
प्रमाणं भवान्धे ०
 
३६
 
ब्रह्मेन्द्ररुद्रमरुदर्क
 
१३
 
प्रसीद प्रसीद प्रचण्ड
 
१० ब्रझेशाच्युत
 
८२.