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श्लोकानुक्रमणिका ।
 
१५१
 
पृष्ठम्
 
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जलच्युताच्युता •
 
९६ त्वदम्बुलीन
 
९२
 
जलान्तकेलि
 
९६
 
त्वमाचामोपेन्द्र
 
५९"
 
ष्ट्वा स्थूल
 
४९
 
त्वमेवासि दैवं परं .
 
जीमूतश्यामभासा
 
२३
 
त्वयि मयि चा०
 
६८
 
ज्वलत्कान्तिवह्निं
 
१३८
 

 

 
दद्याद्दयानुपवनो
 
७२
 
झणत्वणत्कङ्कण
 
तद्विर्ण वस्त्रे
 
१३४ दशग्रीवमुग्रं
 

 

 
दशानं धूपं
 
६०
 
·६०
 
दक्षहस्तनिष्ठ
 
१२४
 
तटिद्वाससं नील
 
३६. दामोदर गुणमन्दिर
 
११८
 
तत्त्वार्थमन्तेवस •
 
८६
 
दिक्कालौ वेदयन्तौ
 
३२
 
तरङ्गसङ्ग
 
९६
 
दिव्वस्तिभिः
 
७४
 
तरुणारुणमुखकमलं
 

 
दिनयामिन्यौ
 
६५
 
तव हितमेकं वचनं
 
१२
 
दिव्यधुनीमकरन्दे
 
११७
 
तावत्सर्वं सत्यं
 
५५. दीनमानवालि०
 
१२५
 
त्रिगुणात्माशेष
 
१०९ दुःखाम्भोधिगतो
 
१०५
 
त्रैविष्टपरिपुवीरघ्नं
 
५६
 
दूरीकृतसीतार्तिः
 

 
त्र्यक्ष दीनसत्कृपा ०
 
१२६
 
हृदयादृश्य ०
 
७६
 
त्वत्तीरे मणिकर्णिके
 
१०४
 
दृष्टा गीतास्वक्षरतत्त्वं
 
५१
 
त्वत्तीरे मरणं
 
१०५ देवराजसेव्यमान
 
८९
 
त्वत्प्रभुजीवप्रिय०
 
११
 
देवी सर्वविचित्र
 
وفا