2026-02-28 21:58:06 by akprasad
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<ignore>८६
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<ignore>सुवर्णमालास्तुतिः ।
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<verse>डम्बरमम्बुरुहामपि दलय-
त्यनघं त्वदविङ्घ्रियुगलं भो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ २८ ॥
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<verse>ढक्काक्षसूत्रशूलदुद्रुहिणक-
रोटी समुल्लसत्कर भो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ २९ ॥
</verse>
<verse>णाकारगर्भिणी चेच्छुभदा
ते शरगतिर्नृणामिह भो
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ३० ॥
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<verse>तव मन्वति संजपतः सद्य-
स्तरति नरो हि भवाब्धि भो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ३१ ॥
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<ignore>८६
<ignore>सुवर्णमालास्तुतिः ।
<verse>डम्बरमम्बुरुहामपि दलय-
त्यनघं त्वद
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ २८ ॥
<verse>ढक्काक्षसूत्रशूल
रोटी
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ २९ ॥
<verse>णाकारगर्भिणी चेच्छुभदा
ते शरगतिर्नृणामिह भो
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ३० ॥
<verse>तव मन्वति
स्तरति नरो हि भवाब्धि भो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ३१ ॥
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