2026-02-27 06:59:14 by akprasad
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<ignore>सुवर्णमालास्तुतिः ।
</ignore>
<verse>ऋक्षाधीशकिरीट महोक्षा-
रूढ विधृतरुद्राक्ष विभो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ८ ॥
</verse>
<verse>ऌवर्णद्वन्द्वमवृन्तसुकुसुममि-
वाङ्घ्रौ तवार्पयामि विभो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ९ ॥
</verse>
<verse>एकं सदिति श्रुत्या त्वमेव
सदसीत्युपास्महे मृड भो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ १० ॥
</verse>
<verse>ऐक्यं निजभक्तेभ्यो वितरसि
विश्वंभरोऽत्र साक्षी भो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ११ ॥
</verse>
<ignore>S. S. 6
</ignore>
<ignore>८१
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<ignore>सुवर्णमालास्तुतिः ।
<verse>ऋक्षाधीशकिरीट महोक्षा-
रूढ विधृतरुद्राक्ष विभो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ८ ॥
<verse>ऌवर्णद्वन्द्वमवृन्तसुकुसुममि-
वाङ्घ्रौ तवार्पयामि विभो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ९ ॥
<verse>एकं सदिति श्रुत्या त्वमेव
सदसीत्युपास्महे मृड भो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ १० ॥
<verse>ऐक्यं निजभक्तेभ्यो वितरसि
विश्वंभरोऽत्र साक्षी भो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ११ ॥
<ignore>S. S. 6
<ignore>८१
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