2026-02-27 06:58:04 by akprasad
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<ignore>८०
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<ignore>सुवर्णमालास्तुतिः
</ignore>
<ignore>1: 1
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<verse>ईश गिरीश नरेश परेश म-
हेश बिलेशयभूषण भो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ४ ॥
</verse>
<verse>उमया दिव्यसुमङ्गलविग्रह-
यालिङ्गितवामाङ्ग विभो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ५ ॥
</verse>
<verse>ऊरीकुरु मामज्ञमनाथं
दूरीकुरु मे दुरितं भो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ६ ॥
</verse>
<verse>ऋषिवरमानसहंस चराचर-
जननस्थितिलयकारण भो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ७ ॥
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<ignore>सुवर्णमालास्तुतिः
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<verse>ईश गिरीश नरेश परेश म-
हेश बिलेशयभूषण भो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ४ ॥
<verse>उमया दिव्यसुमङ्गलविग्रह-
यालिङ्गितवामाङ्ग विभो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ५ ॥
<verse>ऊरीकुरु मामज्ञमनाथं
दूरीकुरु मे दुरितं भो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ६ ॥
<verse>ऋषिवरमानसहंस चराचर-
जननस्थितिलयकारण भो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ७ ॥
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