2026-02-27 06:57:07 by akprasad
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<subtitle lang="sa">॥ श्रीः ॥</subtitle>
<title lang="sa">॥ सुवर्णमालास्तुतिः ॥
<verse lang="sa">अथ कथमपि मद्रसनां त्वद्गुण-
लेशैर्विशोधयामि विभो ।
सां
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ १ ॥
<verse lang="sa">आखण्डल
तण्डुप्रिय चण्डीश विभो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ २ ॥
<verse lang="sa">इभचर्माम्बर शम्बररिपुवपु-
रपहरणोज्ज्वलनयन विभो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ३ ॥
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