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२६६
 
श्लोकानुक्रमणिका ।
 
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अभिचारादिभिः कृत्यां १७३
 
असौ नासावंशस्तुहिन ०
 
१४०
 
अभिनयकमनीयै •
 
२३२
 
अस्तोकस्तोमशस्त्रै•
 
६९
 
अभ्यङ्गं गिरिजे
 
१९४
 
अस्तोपाधिसमस्त •
 
८२
 
अमर्यादमेवाहमाबाल ०
 
२२
 
अहं सर्वदा दुःखभारा ०
 
१२
 
अमितमुदमृतं
 
४३
 
अहः सूते सव्यं तव
 
१३७
 
अमू ते वक्षोजावमृत •
 
१४३
 

 
अम्भोजाभ्यां च
 
५४
 
आकर्णाकृष्टकामास्त्रसंजातं १७७
 
अयं दानकालस्त्वहं
 
१७ आकाशश्चिकुरायते
 
९३
 
अयःस्पर्शे लग्नं
 
१६२
 
आकाशेन शिखी समस्त ०
 
३९
 
अरहसि रहसि
 
४३
 
अराला केशेषु प्रकृतिस०
 
१४८
 
अरालैः स्वाभाव्यादलि० १३६
अरालं ते पालीयुगल ० १३९
 
आकीर्णे नखराजिकान्ति० ३७
 
आखण्डलमदखण्डन ०
 
७९
 
आगत्य मृत्युंजय चन्द्र •
आगमप्रणवपीठिका ०
 
१०५
 
२४८
 
अर्चाविधौ ज्ञानलवोsपि २१६
 
आतङ्कावेगहारी सकल ०
 
५३
 
अर्धोन्मीलद्यौवनोद्दामद० १६९
 
आत्मप्रेम्णो भवान्या
 
६६
 
अविज्ञाय परां शक्ति ०
 
१७८
 
अविद्यानामन्तस्तिमिर० १२५ आदौ कर्मप्रसङ्गा ०
 
आदिक्षान्तामक्षर •
 
२५५
 
७४
 
अविश्रान्तं पत्युर्गुण ०
 
१४१
 
आद्या विद्याहृता
 
४८
 
अशनं गरलं फणी
 
४७
 
आद्यायामिततेजसे
 
३९
 
अशेषब्रह्माण्डप्रलय •
 
१६३
 
आधारशक्त्यादिकमाक ०
 
२०६
 
असारे संसारे
 
२९
 
आनन्दामृतपूरिता
 
३८