2026-02-23 00:05:24 by akprasad
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<subtitle>॥ श्रीः॥</subtitle>
<title>॥ गणेश
<verse>रणत्क्षुद्रघण्टा
चलत्ताण्डवोद्दण्डवत्पद्मतालम् ।
लसत्तुन्दिलाङ्गो
गणाधीशमीशानसूनुं तमीडे ॥ १ ॥
<verse>ध्वनिध्वंसवीणालयोल्लासिवक्त्रं
स्फुरच्छुण्डदण्डोल्लसद्
गलद्दर्पसौगन्ध्यलोलालिमालं
गणाधीशमीशानसूनुं तमीडे ॥। २ ॥
<verse>प्रकाशज्जपारक्तरत्नप्रसून-
प्रवालप्रभातारुणज्योतिरेकम् ।
प्रलम्बोदरं वक्रतुण्डैकदन्तं
गणाधीशमीशानसूनुं तमीडे ॥ ३ ॥
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