2026-02-28 22:02:09 by akprasad
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<ignore>९०
</ignore>
<ignore>सुवर्णमालास्तुतिः ।
</ignore>
<verse>वसुधातद्धरतच्छयरथमौ-
व
र्वीशर पराकृतासुर
भो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ४४ ॥
or</verse>
<verse>शर्व देव सर्वोत्तम सर्वद
दुर्वृत्तगर्वहरण विभो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ४५ ॥
</verse>
<verse>षड्रिपुषडूर्मिषडिड्विकारहर
सन्मुख षण्मुखजनक विभो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ४६ ॥
</verse>
<verse>सत्यं ज्ञानमनन्तं ब्रह्मे-
त्येतल्लक्षणलक्षित भो ।
1
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ४७ ॥
</verse>
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<ignore>९०
<ignore>सुवर्णमालास्तुतिः ।
<verse>वसुधातद्धरतच्छयरथमौ-
व
र्वीशर पराकृतासुर
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ४४ ॥
or
<verse>शर्व देव सर्वोत्तम सर्वद
दुर्वृत्तगर्वहरण विभो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ४५ ॥
<verse>षड्रिपुषडूर्मिष
सन्मुख षण्मुखजनक विभो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ४६ ॥
<verse>सत्यं ज्ञानमनन्तं ब्रह्मे-
त्येतल्लक्षणलक्षित भो ।
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साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ४७ ॥
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