2026-02-28 22:00:42 by akprasad
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<ignore>सुवर्णमालास्तुतिः ।
</ignore>
<verse>महिमा तव न हि माति श्रुतिषु हि -
मानीधरात्मजाधव भो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ४० ॥
</verse>
<verse>यमनियमादिभिरङ्गैर्य मिनो
हृदये भजन्ति स त्वं भो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ४१ ॥
</verse>
<verse>रज्जावहिरिव शुक्तौ रजतमि-
व त्वयि जगन्ति भान्ति विभो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ४२ ॥
</verse>
<verse>लब्ध्वा भवत्प्रसादाच्चक्रं
विधुरवति लोकमखिलं भो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ४३ ॥
</verse>
<ignore>८९
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<ignore>सुवर्णमालास्तुतिः ।
<verse>महिमा तव न हि माति श्रुतिषु हि
मानीधरात्मजाधव भो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ४० ॥
<verse>यमनियमादिभिरङ्गैर्य
हृदये भजन्ति स त्वं भो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ४१ ॥
<verse>रज्जावहिरिव शुक्तौ रजतमि-
व त्वयि जगन्ति भान्ति विभो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ४२ ॥
<verse>लब्ध्वा भवत्प्रसादाच्चक्रं
विधुरवति लोकमखिलं भो ।
साम्ब सदाशिव शंभो शंकर
शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ४३ ॥
<ignore>८९
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