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[ ५ ]
 
विद्वद्नुभवेन सर्वस्याप्यसत्यत्वम्
 
४७
 
विदुषामपि शरीरादिव्यवहारोपपत्तिः
 
४७
 
वेदान्तानां ब्रह्मात्मैक्ये तात्पर्य
 
४८
 
गुरुबोधितस्य शिष्यस्य स्वानुभवप्रकटनम्
 
४८
 
...
 
गुरुप्रसाद प्रशंसा
 
५३
 
आत्मबोधफलम्
 
५४
 
आत्मबोधः
 
५५--६६
 
आत्मबोधस्यावश्यकत्वम्
 
५७
 
संसारस्य मिथ्यात्वम्
 
५८
 
स्थूलसूक्ष्मकारणोपाधयः
 
५८
 
पञ्चकोशादिभ्य आत्मनो विवेकः
 
५९
 
आत्मनोऽविकारित्वादि
 
५९
 
आत्मस्वरूपम्
 
६०
 
आत्मनो बुद्ध्यादिभिरज्ञेयत्वम्
 
६०
 
आत्मनः स्वप्रकाशत्वम्
 
६०
 
आत्मनः श्रवणमननादिप्रकाराः
 
६१
 
आत्मनः ध्यानप्रकार:
 
६२
 
ध्यानफलम्
 
६२
 
जी परमात्मनोरैक्यम्
 
जीवन्मुक्तस्वरूपम्
 
ब्रह्मणो लक्षणम्
 
६३
 
६३
 
૬૪