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[ ४ ]
 

लक्षणा त्रितयस्वरूपम्
 

तत्त्वमसिवाक्ये जहदजहल्लक्षणा

वाक्यार्थबोधफलम्

कार्यपरत्वखण्डनम्
 

गुरूपसदनावश्यकता
 

ब्रह्मणि वेदस्यैव प्रामाण्यम्
 

वेदस्थभागद्वयप्रतिपाद्यांशः
 

स्वाभाविकजीवत्ववादखण्डनम्
 

जीवस्य साधनशक्त्या परत्वावाप्तिखण्डनम्
 

सारूप्यपक्षखण्डनपूर्वकाद्वैतसिद्धान्तः
 

ज्ञानकर्मणोरङ्गाङ्गीभावखण्डनम्
 

ज्ञानकर्मणोः समुच्चयखण्डनम्
 

ज्ञानस्यैवाविद्यानिवर्तकत्वम्
 

आत्मनः साक्षित्वादिनिरूपणम्
 

कारण विज्ञानेन कार्यविज्ञानम्
 

असत्कारणवादखण्डनपूर्वकं ब्रह्मकारणत्वसमर्थनम्
 

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वेदान्तानां जगन्मिथ्यात्वबोधकत्व पूर्वकं ब्रह्मबोधकत्वम्
 

अविवेकिनां तत्त्वज्ञानानुत्पत्तिः
 

सर्वस्य ब्रह्मत्वेऽपि सर्वव्यवहारोपपत्तिः
 

आत्मनोऽहंप्रत्ययार्थत्वम्
 

उपाधिभेदादात्मनोऽनुभववैविध्यम्
 
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प्रपञ्चस्य मायामात्रत्वम्
 
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