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२७८
 
उपदेश सहस्री
 
पृष्ठम्
 
पृष्टम्
 
भूतियोंषां क्रिया सैव
 
२२९
 
मायाहस्तिनमारा
 
२०३
 
भेदाभावेऽप्यभावस्य
 
२२९
 
मिथश्च भिन्ना यदि
 
२४२
 
भेदोऽभेदस्तथा चैको
 
१७४
 
मिध्याध्यासनिषेधार्थ
 
१५७
 
म
 
मुखवत्स्मृत आत्मान्यो
 
२१५
 
मच्चैतन्यावभास्यत्वात्
 
१६३
 
मुखाभासो य आदर्श
 
२१६
 
मणौ प्रकाश्यते यद्वत्
 
१६०
 
मुखेन व्यपदेशात्स
 
२१६
 
मदन्यः सर्वभूतेषु
 
१७४
 
मूढया मूढ इत्येवं
 
१७३
 
मनसश्चेन्द्रियाणां च
 
२०३
 
मूत्राशको यथोदङ्को
 
१५८
 
मनोबुद्धीन्द्रियाणां च
 
१८६
 
मूपासितं यथा ताम्रं
 
१७५
 
मनोवृत्तं मनश्चैव
 
१६७
 
मुपाध्यासस्तु यत्र
 
१९३
 
ममात्मास्य त आत्मेति
 
१७४
 
मोक्षस्तन्नाश एव
 
१९७
 
ममाहंकारयत्नेच्छाः
 
१७८
 
मोक्षोऽवस्थान्तरं यस्य
 
१९४
 
ममाहं चेत्यतोऽविद्या
 
२०५
 
य
 
ममाहमित्येतत्
 
१८९ य आत्मा नेति नेतीति
 
१७६
 
ममेदं द्वयमप्येतत्
 
२२३
 
गतश्च नित्योऽहमतो
 
२४१
 
ममेदप्रत्ययौ यो
 
२२२
 
यतो न चान्यः पर०
 
Y
 
ममेदमित्थं च तथेः
 
१६६
 
यतोऽभूत्वा भवेद्यथ
 
१८८
 
महाराजादयो लोका
 
१६८
 
यत्कामस्तत्क्रतुर्भूत्वा
 
२०६
 
माधुर्यादि च यत्कार्य
 
२१६
 
यत्र यस्यावभासस्तु
 
२१९
 
मानमे तु गृहे व्यक्ता
मानस्यस्तद्वदन्यस्य
 
१८६ यत्स्थस्तापो खेदेहे
 
१७०
 
१७२ यथात्मबुद्धिचाराणां
 
१६०
 
CC-0. Mumukshu Bhawan Varanasi Collection. Digitized by eGangot