Proofing

✦

This page has not been fully proofread.

श्लोकानुक्रमणिका ।
 
२६१
 
पृष्ठम्
 
पृष्ठम्
 
विशोक आनन्दघनो
 
४५
 
शल्यराशिर्मोस लिप्तो
 
३२
 
विषमविषयमार्गे
 
१६
 
शवाकारं यावद्भजति
 
८०
 
विषयाख्यग्रहो येन
 
१६
 
शान्तसंसारकलनः
 
८६
 
विषयाणामानुकूल्ये
 
२१
 
शान्ता महान्तो
 
८
 
विषयाभिमुखं दृष्ट्वा
 
६५
 
शान्तो दान्तः पर०
 
७२
 
विपयाशामहा●
 
१६
 
शास्त्रस्य गुरुवाक्यस्य
 
६
 
विषयेष्वाविशश्चेतः
 
६५ शुद्धाद्वयब्रह्म
 
२२
 
वीणाया रूपसौन्दर्य
 
१२ शृणुष्वावहितो
 
१४
 
वेदशास्त्रपुराणानि
 
१०३
 
शैलूषो वेपसद्भावा •
 
१०६
 
वेदान्तसिद्धान्त
 
९३
 
श्रद्धाभक्तिध्यान
 
१०
 
वेदान्तार्थविचारेण
 
१० श्रुतिप्रमाणैकमतेः
 
३०
 
वैराग्यं च मुमुक्षुत्वं
 
७
 
श्रुतिस्मृतिन्याय
 
६६
 
वैराग्यबोधौ पुरुषस्य
वैराग्यस्य फलं बोधः
 
७६
 
श्रुतेः शतगुणं विद्या
 
७४
 
८५
 
श्रुत्या युक्त्या स्वानुभूत्या
 
५७
 
वैराग्यान परं सुखस्य
 
७६
 
प
 
व्यामबुद्धचा विनिर्मुक्तः
 
८९ पद्मिरूर्मिभिरयोगि
 
५२
 
स
 
श
 
शब्दजालं महारण्यं
 
१३
 
संन्यस्य सर्वकर्माणि
 
Y
 
शब्दादिभिः पञ्चभिरेव
 
१५
 
संलक्ष्य चिन्मात्रतया
 
५१
 
शमादिषट्क
 
६ संसार कारागृहमोक्ष
 
५६
 
शरीरपोषणार्थी
 
१७
 
संसारबन्धविच्छित्ये
 
६३
 
E-0. Mumukshu Bhawan Varanasi Collection. Digitized by eGang