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भर्तृहरिसुभाषितसंग्रहे
 
पान्थस्त्रीविरहानलाहुतिकथामातन्वती मञ्जरी

माकन्देषु पिकाङ्गनाभिरघुधुना सोत्कण्ठमालोक्यते ।

अप्येते नवपाटलापरिमलप्राग्भारपाटच्चरा
 

वान्ति क्लान्तिवितानतानवकृतः श्रीखण्डशैलानिलाः ॥ २७१ ॥

 
पुरा विद्वत्तासीदुपशमवतां क्लेशहतये
 

गता कालेनासौ विषयसुखसिद्ध्यै विषयिणाम् ।

इदानीं तु प्रेक्ष्य क्षितितलभुजः शास्त्रविमुखान्
 

अहो कष्टं सापि प्रतिदिनमधोऽधः प्रविशति ॥ २७२ ॥

 
प्रणयमधुराः प्रेमोद्गाढा रसादलसास् तथा
 

भणितिमधुरा मुग्धप्रायाः प्रकाशितसंमदाः ।
 
१०६
 
I. fol. 8a. 21 (Silabhattārika?); PT. 1. 8; SSD. 2. f. 126a; SSV. 406; SKG.
 
f. 17b.
 
" ) DI नलद्युतिकथाम्;
नलीहुतिकथाम; Y3 नलावतिकलाम्);
 
271 {Ś} Om, in C Ji and ISM Kalanukar 195.
I'3. + J2 S (except X1 (G1) नलाहुतिकलाम् (
B2 Fim.v. H नलद्युतिकलाम्. J मंजरीं.
W1 Ms पिकांगनाभि ( Ms 'नापि ) मधुना.
आलिंग्यते (for आलोक्यते ). ) 1 1 अल्पास्ते ; ( 1 अस्येते; 111 अन्ते ( for अप्येते ).
 
1 ) F सा कंदेपु. BI: हि कोकिलाभिरधुना;
 
"
 
B Fs+t H13 (e.v. as in text ) Yic.v.
 
C
 
F2.3
 
X M3 - 5 नवपाटली. W परिमला; 2 परिमला:; 63 परिमले ( for
-प्राग्भारपादाचरा; T2 -प्राग्भारपाटश्चरा; G1 प्रागजपापाटवा; Gst प्रोद्भारपाटच्चरा.
वाति ( for वान्ति ). Mश्रांति (for कान्ति- ) . ( ( 1 - वितानतानच.
W G1 -कृताः (for कृतः ). A खंड : Y3G1. 21. + श्रीकंड
-
-शैलानिला; Y: शैलानला:: (1 कंटानिलाः; (Cat शैलानिभाः
-
BIS. 4050 (1769 ) Bhartr. ed. Bohl. and lith ed. III. 1. 36. Hach. 39 lith.
ed. IT. 83; SLP 5.20 ( Bh. ).
 
परिमल ). ID
d) Fg
B2 F G+ -भृतः;
Fe X2 M3.5 -शैलानिल:; F3
 
272 {V} Found in AC D E F14 [Also Jodhpur 3, BORI329, and
Punjab 2101 V30; BORI 326 V35 ( 34 ) ; Punjab 697 V27; NS1 V35; NS2V25
(21) ; NS3 V107 (extra ) ]. – 4 ) ( अमलिनधियां ; ) अपशमवतां; 11 उपशमयतां. F4
केशहृदये. - ८) CF + (orig. ) विषयिनां; F+ ( by corr. ) विषयिना. C ) C सं- ; E6 सा
 
a
 
C
 
d
 
( for तु ). A -विषमाम् (for विमुखान्). – " ) D कष्टं ( for सापि ).
BIS. 4143 (1802) Bhartr ed. Bohl. 3. 100. Haeb. 98. lith ed. II. 27.
Subhash 311.
 
273 {6} Om. in ID M45 Mysore 582 (last three substitute मधुरमधुर )
Adyar XXII-B-10. Wrongly om. in Es. a) B2 Fot (by corr. ) It Y7 मधुरा;
Eot (orig. ) 1.2 3 'मधुर ; Hac 10 विधुरा ( for "मधुरा: ) [ 11 com. gloss विह्वला:].
A प्रेमप्रौढाः; Bi E ( E3 missing ) It X 1.20 मोद्द्वारा; F3.0 W प्रेमोगाढ; Y5.9
'T G. 5 प्रेमोदारा; Y1 प्रेमोहाडा. 4 प्रसादेवशास्तथा; Eat रसातलसस्तथा; F½ रसाय यथा
 
तथा; Hit. 2. 3 प्रसादपदास्तथा; Hic. 30 प्रसन्नपदास्तथा; Jit रसायनरसोदय वा तदा; J10.2 रसो-
(J2 'सा') दय वा तथा; X2. G2 रसाईयुतास्तथा (X2 °दा); X3 M1 रसाईत (M1 °क) रा. सुधा ;