Reports » श्रीकालहस्तीश्वराष्टकम्
Updated 2026-04-06 02:43
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Text
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Meter
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Verse 1
<lg n="1"> <l>श्रीलसद्विलासलोलशेषतल्पसायकं</l> <l>शैलकन्यकास्यचन्द्रचन्द्रिकाचकोरकम् ।</l> <l>फालनेत्रवह्निदग्धपञ्चवाणरूपकं</l> <l>कालहस्तिनायकं सुखप्रदायकं भजे ॥ १ ॥</l> </lg>
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Verse 2
<lg n="2"> <l>कालकूटभीकराग्निकण्ठमध्यधारणं</l> <l>कालकर्मखाम्बुकाशखण्डनोग्रहारिणम् ।<add>(?)</add> </l> <l>कालमृत्युगर्ववल्लिकासमूलदारणं</l> <l>कालहस्तनायकं सुखप्रदायकं भजे ॥ २ ॥</l> </lg>
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Verse 3
<lg n="3"> <l>स्थूलसूक्ष्मनित्यसत्यशोभितं शुभोदितं</l> <l>बालचन्द्रशेखरं कृपासुधारसाकरम् ।</l> <l>लालितव्रतार्थिलोकबालकर्णमूलकं<add>(?)</add> </l> <l>कालहस्तिनायकं सुखप्रदायकं भजे ॥ ३ ॥</l> </lg>
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Verse 4
<lg n="4"> <l>बालिकावियोगियोगिभावपद्मवासितं</l> <l>धालधल्यकोटिशीतधामसुप्रकाशितम् ।</l> <l>कीलसंनिभाग्रशातशूलवृद्धगाशितं<add>(?)</add> </l> <l>कालहस्तिनायकं सुखप्रदायकं भजे ॥ ४ ॥</l> </lg>
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द्ध
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Verse 5
<lg n="5"> <l>भ्रूलतानिरीक्षणप्रभूतलोकजालकं</l> <l>लोलताद्रिजालसत्कपोल<add>[कन्धरं शिवम्]</add>।</l> <l>खेलसत्प्रकल्पितेन्द्रजालतन्त्रकीलकं</l> <l>कालहस्तिनायकं सुखप्रदायकं भजे ॥ ५ ॥</l> </lg>
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ता
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री
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क्ष
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भू
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Verse 6
<lg n="6"> <l>व्यालमक्षिकाग्ररत्नमातृकाविभूषणं</l> <l>कालसिन्धुकासुरारिपङ्क<add>[रूप]</add>भूषणम् ।</l> <l>शीलवर्तनप्रयुक्तशिष्टभक्तपोषणं</l> <l>कालहस्तिनायकं सुखप्रदायकं भजे ॥ ६ ॥</l> </lg>
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ग्र
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Verse 7
<lg n="7">
<l>नीलदेहसेवितामरालदेह<choice>
<sic>प्रा</sic>
<corr>या</corr>
</choice>पितं</l>
<l>मूलमन्त्रकर्णमूर्तिमोचनं त्रिलोचनम् ।</l>
<l>शूलिनं सुवर्णसिन्धुमौलिनं कपालिनं</l>
<l>कालहस्तिनायकं सुखप्रदायकं भजे ॥ ७ ॥</l>
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Verse 8
<lg n="8"> <l>क्षालितप्रभक्तकर्मजातरोगकर्दमं</l> <l>क्षालिकासनाथमिन्द्रशैलराजकर्दमम् ।</l> <l>ज्वालितात्मरोषभीषकेलिदक्षनिर्दमं</l> <l>कालहस्तिनायकं सुखप्रदायकं भजे ॥ ८ ॥</l> </lg>
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