Original

पुनरावृत्ततोयां च ददर्श स महाकपिः ।प्रसन्नामिव कान्तस्य कान्तां पुनरुपस्थिताम् ॥ ३१ ॥

Segmented

पुनः आवृत्त-तोयाम् च ददर्श स महा-कपिः प्रसन्नाम् इव कान्तस्य कान्ताम् पुनः उपस्थिताम्

Analysis

Word Lemma Parse
पुनः पुनर् pos=i
आवृत्त आवृत् pos=va,comp=y,f=part
तोयाम् तोय pos=n,g=f,c=2,n=s
pos=i
ददर्श दृश् pos=v,p=3,n=s,l=lit
तद् pos=n,g=m,c=1,n=s
महा महत् pos=a,comp=y
कपिः कपि pos=n,g=m,c=1,n=s
प्रसन्नाम् प्रसद् pos=va,g=f,c=2,n=s,f=part
इव इव pos=i
कान्तस्य कान्त pos=n,g=m,c=6,n=s
कान्ताम् कान्ता pos=n,g=f,c=2,n=s
पुनः पुनर् pos=i
उपस्थिताम् उपस्था pos=va,g=f,c=2,n=s,f=part