Original

प्लावयस्व त्वमात्मानं नरोत्तम सदोचिते ।सलिले पुरुषव्याघ्र शुचिः पुण्यफलो भव ॥ १४ ॥

Segmented

प्लावयस्व त्वम् आत्मानम् नर-उत्तम सदा उचिते सलिले पुरुष-व्याघ्र शुचिः पुण्य-फलः भव

Analysis

Word Lemma Parse
प्लावयस्व प्लावय् pos=v,p=2,n=s,l=lot
त्वम् त्वद् pos=n,g=,c=1,n=s
आत्मानम् आत्मन् pos=n,g=m,c=2,n=s
नर नर pos=n,comp=y
उत्तम उत्तम pos=a,g=m,c=8,n=s
सदा सदा pos=i
उचिते उचित pos=a,g=n,c=7,n=s
सलिले सलिल pos=n,g=n,c=7,n=s
पुरुष पुरुष pos=n,comp=y
व्याघ्र व्याघ्र pos=n,g=m,c=8,n=s
शुचिः शुचि pos=a,g=m,c=1,n=s
पुण्य पुण्य pos=a,comp=y
फलः फल pos=n,g=m,c=1,n=s
भव भू pos=v,p=2,n=s,l=lot