Original

अद्य ता मधुरा वाचः श्रोतासि मधुसूदन ।अद्याभिमन्युजननीमनृणः सान्त्वयिष्यसि ।कुन्तीं पितृष्वसारं च संप्रहृष्टो जनार्दन ॥ ८२ ॥

Segmented

अद्य ता मधुरा वाचः श्रोतासि मधुसूदन अद्य अभिमन्यु-जननीम् अनृणः सान्त्वयिष्यसि कुन्तीम् पितृष्वसारम् च सम्प्रहृष्टो जनार्दन

Analysis

Word Lemma Parse
अद्य अद्य pos=i
ता तद् pos=n,g=f,c=2,n=p
मधुरा मधुर pos=a,g=f,c=2,n=p
वाचः वाच् pos=n,g=f,c=2,n=p
श्रोतासि श्रु pos=v,p=2,n=s,l=lrt
मधुसूदन मधुसूदन pos=n,g=m,c=8,n=s
अद्य अद्य pos=i
अभिमन्यु अभिमन्यु pos=n,comp=y
जननीम् जननी pos=n,g=f,c=2,n=s
अनृणः अनृण pos=a,g=m,c=1,n=s
सान्त्वयिष्यसि सान्त्वय् pos=v,p=2,n=s,l=lrt
कुन्तीम् कुन्ती pos=n,g=f,c=2,n=s
पितृष्वसारम् पितृष्वसृ pos=n,g=,c=2,n=s
pos=i
सम्प्रहृष्टो सम्प्रहृष् pos=va,g=m,c=1,n=s,f=part
जनार्दन जनार्दन pos=n,g=m,c=8,n=s