Original

बलौघस्तु समासाद्य बलौघं सहसा रणे ।उपासर्पत वेगेन जलौघ इव सागरम् ॥ ५२ ॥

Segmented

बल-ओघः तु समासाद्य बल-ओघम् सहसा रणे उपासर्पत वेगेन जल-ओघः इव सागरम्

Analysis

Word Lemma Parse
बल बल pos=n,comp=y
ओघः ओघ pos=n,g=m,c=1,n=s
तु तु pos=i
समासाद्य समासादय् pos=vi
बल बल pos=n,comp=y
ओघम् ओघ pos=n,g=m,c=2,n=s
सहसा सहस् pos=n,g=n,c=3,n=s
रणे रण pos=n,g=m,c=7,n=s
उपासर्पत उपसृप् pos=v,p=3,n=s,l=lan
वेगेन वेग pos=n,g=m,c=3,n=s
जल जल pos=n,comp=y
ओघः ओघ pos=n,g=m,c=1,n=s
इव इव pos=i
सागरम् सागर pos=n,g=m,c=2,n=s