Original

भीष्मे द्रोणे कृपे कर्णे भीमसेने धनंजये ।धृष्टद्युम्ने च संक्रुद्धे न स्युः सर्वाः प्रजा ध्रुवम् ॥ ४८ ॥

Segmented

भीष्मे द्रोणे कृपे कर्णे भीमसेने धनंजये धृष्टद्युम्ने च संक्रुद्धे न स्युः सर्वाः प्रजा ध्रुवम्

Analysis

Word Lemma Parse
भीष्मे भीष्म pos=n,g=m,c=7,n=s
द्रोणे द्रोण pos=n,g=m,c=7,n=s
कृपे कृप pos=n,g=m,c=7,n=s
कर्णे कर्ण pos=n,g=m,c=7,n=s
भीमसेने भीमसेन pos=n,g=m,c=7,n=s
धनंजये धनंजय pos=n,g=m,c=7,n=s
धृष्टद्युम्ने धृष्टद्युम्न pos=n,g=m,c=7,n=s
pos=i
संक्रुद्धे संक्रुध् pos=va,g=m,c=7,n=s,f=part
pos=i
स्युः अस् pos=v,p=3,n=p,l=vidhilin
सर्वाः सर्व pos=n,g=f,c=1,n=p
प्रजा प्रजा pos=n,g=f,c=1,n=p
ध्रुवम् ध्रुवम् pos=i