Original

आनयेह सुतं क्षिप्रं राज्यकामुकमातुरम् ।न हि राज्यमशिष्टेन शक्यं धर्मार्थलोपिना ॥ १० ॥

Segmented

आनय इह सुतम् क्षिप्रम् राज्य-कामुकम् आतुरम् न हि राज्यम् अशिष्टेन शक्यम् धर्म-अर्थ-लोपिना

Analysis

Word Lemma Parse
आनय आनी pos=v,p=2,n=s,l=lot
इह इह pos=i
सुतम् सुत pos=n,g=m,c=2,n=s
क्षिप्रम् क्षिप्रम् pos=i
राज्य राज्य pos=n,comp=y
कामुकम् कामुक pos=a,g=m,c=2,n=s
आतुरम् आतुर pos=a,g=m,c=2,n=s
pos=i
हि हि pos=i
राज्यम् राज्य pos=n,g=n,c=1,n=s
अशिष्टेन अशिष्ट pos=a,g=m,c=3,n=s
शक्यम् शक्य pos=a,g=n,c=1,n=s
धर्म धर्म pos=n,comp=y
अर्थ अर्थ pos=n,comp=y
लोपिना लोपिन् pos=a,g=m,c=3,n=s