Original

ववृधे सा महाराज बिभ्रती रूपमुत्तमम् ।अप्स्विवोत्पलिनी शीघ्रमग्नेरिव शिखा शुभा ॥ २२ ॥

Segmented

ववृधे सा महा-राज बिभ्रती रूपम् उत्तमम् अप्सु इव उत्पलिनी शीघ्रम् अग्नेः इव शिखा शुभा

Analysis

Word Lemma Parse
ववृधे वृध् pos=v,p=3,n=s,l=lit
सा तद् pos=n,g=f,c=1,n=s
महा महत् pos=a,comp=y
राज राज pos=n,g=m,c=8,n=s
बिभ्रती भृ pos=va,g=f,c=1,n=s,f=part
रूपम् रूप pos=n,g=n,c=2,n=s
उत्तमम् उत्तम pos=a,g=n,c=2,n=s
अप्सु अप् pos=n,g=n,c=7,n=p
इव इव pos=i
उत्पलिनी उत्पलिनी pos=n,g=f,c=1,n=s
शीघ्रम् शीघ्रम् pos=i
अग्नेः अग्नि pos=n,g=m,c=6,n=s
इव इव pos=i
शिखा शिखा pos=n,g=f,c=1,n=s
शुभा शुभ pos=a,g=f,c=1,n=s