Original

न शक्तस्त्रिषु लोकेषु कश्चिद्धारयितुं नृप ।अन्यत्र विबुधश्रेष्ठान्नीलकण्ठान्महेश्वरात् ॥ २२ ॥

Segmented

न शक्तस् त्रिषु लोकेषु कश्चिद् धारयितुम् नृप अन्यत्र विबुध-श्रेष्ठात् नीलकण्ठात् महेश्वरात्

Analysis

Word Lemma Parse
pos=i
शक्तस् शक् pos=va,g=m,c=1,n=s,f=part
त्रिषु त्रि pos=n,g=m,c=7,n=p
लोकेषु लोक pos=n,g=m,c=7,n=p
कश्चिद् कश्चित् pos=n,g=m,c=1,n=s
धारयितुम् धारय् pos=vi
नृप नृप pos=n,g=m,c=8,n=s
अन्यत्र अन्यत्र pos=i
विबुध विबुध pos=n,comp=y
श्रेष्ठात् श्रेष्ठ pos=a,g=m,c=5,n=s
नीलकण्ठात् नीलकण्ठ pos=n,g=m,c=5,n=s
महेश्वरात् महेश्वर pos=n,g=m,c=5,n=s