Original

स मयि त्वं मृते राजन्विदुरेण सुखी भव ।भोक्ष्यसे पृथिवीं कृत्स्नां किं मया त्वं करिष्यसि ॥ ४४ ॥

Segmented

स मयि त्वम् मृते राजन् विदुरेण सुखी भव भोक्ष्यसे पृथिवीम् कृत्स्नाम् किम् मया त्वम् करिष्यसि

Analysis

Word Lemma Parse
तद् pos=n,g=m,c=1,n=s
मयि मद् pos=n,g=,c=7,n=s
त्वम् त्वद् pos=n,g=,c=1,n=s
मृते मृ pos=va,g=m,c=7,n=s,f=part
राजन् राजन् pos=n,g=m,c=8,n=s
विदुरेण विदुर pos=n,g=m,c=3,n=s
सुखी सुखिन् pos=a,g=m,c=1,n=s
भव भू pos=v,p=2,n=s,l=lot
भोक्ष्यसे भुज् pos=v,p=2,n=s,l=lrt
पृथिवीम् पृथिवी pos=n,g=f,c=2,n=s
कृत्स्नाम् कृत्स्न pos=a,g=f,c=2,n=s
किम् pos=n,g=n,c=2,n=s
मया मद् pos=n,g=,c=3,n=s
त्वम् त्वद् pos=n,g=,c=1,n=s
करिष्यसि कृ pos=v,p=2,n=s,l=lrt