Original

देवतार्थमुपाकृत्य राज्ञः कृष्ण कथं भयात् ।अहमद्य विमुञ्चेयं क्षात्रं व्रतमनुस्मरन् ॥ २७ ॥

Segmented

देवता-अर्थम् उपाकृत्य राज्ञः कृष्ण कथम् भयात् अहम् अद्य विमुञ्चेयम् क्षात्रम् व्रतम् अनुस्मरन्

Analysis

Word Lemma Parse
देवता देवता pos=n,comp=y
अर्थम् अर्थ pos=n,g=m,c=2,n=s
उपाकृत्य उपाकृ pos=vi
राज्ञः राजन् pos=n,g=m,c=6,n=s
कृष्ण कृष्ण pos=n,g=m,c=8,n=s
कथम् कथम् pos=i
भयात् भय pos=n,g=n,c=5,n=s
अहम् मद् pos=n,g=,c=1,n=s
अद्य अद्य pos=i
विमुञ्चेयम् विमुच् pos=v,p=1,n=s,l=vidhilin
क्षात्रम् क्षात्र pos=a,g=n,c=2,n=s
व्रतम् व्रत pos=n,g=n,c=2,n=s
अनुस्मरन् अनुस्मृ pos=va,g=m,c=1,n=s,f=part