Original

राम राम निवर्तस्व कं गुणं तात पश्यसि ।क्षत्रबन्धूनिमान्प्राणैर्विप्रयोज्य पुनः पुनः ॥ १९ ॥

Segmented

राम राम निवर्तस्व कम् गुणम् तात पश्यसि क्षत्रबन्धून् इमान् प्राणैः विप्रयोज्य पुनः पुनः

Analysis

Word Lemma Parse
राम राम pos=n,g=m,c=8,n=s
राम राम pos=n,g=m,c=8,n=s
निवर्तस्व निवृत् pos=v,p=2,n=s,l=lot
कम् pos=n,g=m,c=2,n=s
गुणम् गुण pos=n,g=m,c=2,n=s
तात तात pos=n,g=m,c=8,n=s
पश्यसि दृश् pos=v,p=2,n=s,l=lat
क्षत्रबन्धून् क्षत्रबन्धु pos=n,g=m,c=2,n=p
इमान् इदम् pos=n,g=m,c=2,n=p
प्राणैः प्राण pos=n,g=m,c=3,n=p
विप्रयोज्य विप्रयोजय् pos=vi
पुनः पुनर् pos=i
पुनः पुनर् pos=i