Original

स्वाहाकारवषट्कारौ गोषु नित्यं प्रतिष्ठितौ ।गावो यज्ञप्रणेत्र्यो वै तथा यज्ञस्य ता मुखम् ॥ २९ ॥

Segmented

स्वाहाकार-वषट्कारौ गोषु नित्यम् प्रतिष्ठितौ गावो यज्ञ-प्रणेतृ वै तथा यज्ञस्य ता मुखम्

Analysis

Word Lemma Parse
स्वाहाकार स्वाहाकार pos=n,comp=y
वषट्कारौ वषट्कार pos=n,g=m,c=1,n=d
गोषु गो pos=n,g=,c=7,n=p
नित्यम् नित्यम् pos=i
प्रतिष्ठितौ प्रतिष्ठा pos=va,g=m,c=1,n=d,f=part
गावो गो pos=n,g=,c=1,n=p
यज्ञ यज्ञ pos=n,comp=y
प्रणेतृ प्रणेतृ pos=a,g=f,c=1,n=p
वै वै pos=i
तथा तथा pos=i
यज्ञस्य यज्ञ pos=n,g=m,c=6,n=s
ता तद् pos=n,g=f,c=1,n=p
मुखम् मुख pos=n,g=n,c=1,n=s