Original

सूत उवाच ।एवं स्तुतस्तदा कद्र्वा भगवान्हरिवाहनः ।नीलजीमूतसंघातैर्व्योम सर्वं समावृणोत् ॥ १ ॥

Segmented

सूत उवाच एवम् स्तुतः तदा कद्र्वा भगवान् हरिवाहनः नील-जीमूत-संघातैः व्योम सर्वम् समावृणोत्

Analysis

Word Lemma Parse
सूत सूत pos=n,g=m,c=1,n=s
उवाच वच् pos=v,p=3,n=s,l=lit
एवम् एवम् pos=i
स्तुतः स्तु pos=va,g=m,c=1,n=s,f=part
तदा तदा pos=i
कद्र्वा कद्रु pos=n,g=f,c=3,n=s
भगवान् भगवत् pos=a,g=m,c=1,n=s
हरिवाहनः हरिवाहन pos=n,g=m,c=1,n=s
नील नील pos=a,comp=y
जीमूत जीमूत pos=n,comp=y
संघातैः संघात pos=n,g=m,c=3,n=p
व्योम व्योमन् pos=n,g=n,c=2,n=s
सर्वम् सर्व pos=n,g=n,c=2,n=s
समावृणोत् समावृ pos=v,p=3,n=s,l=lan