Original

व्रजति शुचि पदं त्व् अति प्रीतिमान् प्रतिहतम् अतिर् एति घोरां गतिम् ।इयम् अनघ निमित्तशक्तिः परा तव वरद न चित्तभेदः क्वचित् ॥

Segmented

व्रजति शुचि पदम् त्व् अति प्रीतिमान् प्रतिहत-मतिः एति घोराम् गतिम् इयम् अनघ निमित्त-शक्तिः परा तव वर-द न चित्त-भेदः क्वचित्

Analysis

Word Lemma Parse
व्रजति व्रज् pos=v,p=3,n=s,l=lat
शुचि शुचि pos=a,g=n,c=2,n=s
पदम् पद pos=n,g=n,c=2,n=s
त्व् तु pos=i
अति अति pos=i
प्रीतिमान् प्रीतिमत् pos=a,g=m,c=1,n=s
प्रतिहत प्रतिहन् pos=va,comp=y,f=part
मतिः मति pos=n,g=m,c=1,n=s
एति pos=v,p=3,n=s,l=lat
घोराम् घोर pos=a,g=f,c=2,n=s
गतिम् गति pos=n,g=f,c=2,n=s
इयम् इदम् pos=n,g=f,c=1,n=s
अनघ अनघ pos=a,g=m,c=8,n=s
निमित्त निमित्त pos=n,comp=y
शक्तिः शक्ति pos=n,g=f,c=1,n=s
परा पर pos=n,g=f,c=1,n=s
तव त्वद् pos=n,g=,c=6,n=s
वर वर pos=n,comp=y
pos=a,g=m,c=8,n=s
pos=i
चित्त चित्त pos=n,comp=y
भेदः भेद pos=n,g=m,c=1,n=s
क्वचित् क्वचिद् pos=i