Original

कृतधृति परिवन्दितेनोच्चकैर् गणपतिभिर् अभिन्नरोमोद्गमैः ।तपसि कृतफले फलज्यायसी स्तुतिर् इति जगदे हरेः सूनुना ॥

Segmented

कृत-धृति परिवन्दितेन उच्चकैस् गण-पति अभिन्न-रोम-उद्गमैः तपसि कृत-फले फल-ज्यायसी स्तुतिः इति जगदे हरेः सूनुना

Analysis

Word Lemma Parse
कृत कृ pos=va,comp=y,f=part
धृति धृति pos=n,g=n,c=2,n=s
परिवन्दितेन परिवन्द् pos=va,g=m,c=3,n=s,f=part
उच्चकैस् उच्चकैस् pos=i
गण गण pos=n,comp=y
पति पति pos=n,g=m,c=3,n=p
अभिन्न अभिन्न pos=a,comp=y
रोम रोमन् pos=n,comp=y
उद्गमैः उद्गम pos=n,g=m,c=3,n=p
तपसि तपस् pos=n,g=n,c=7,n=s
कृत कृ pos=va,comp=y,f=part
फले फल pos=n,g=n,c=7,n=s
फल फल pos=n,comp=y
ज्यायसी ज्यायस् pos=a,g=f,c=1,n=s
स्तुतिः स्तुति pos=n,g=f,c=1,n=s
इति इति pos=i
जगदे गद् pos=v,p=3,n=s,l=lit
हरेः हरि pos=n,g=m,c=6,n=s
सूनुना सूनु pos=n,g=m,c=3,n=s