Original

लाभसत्कारकीर्त्यर्थि परिवारार्थि वा पुनः उपस्थानार्थि मे चित्तं तस्मात्तिष्ठामि काष्ठवत् ॥

Segmented

लाभ-सत्कार-कीर्ति-अर्थिन् परिवार-अर्थिन् वा पुनः उपस्थान-अर्थिन् मे चित्तम् तस्मात् तिष्ठामि काष्ठ-वत्

Analysis

Word Lemma Parse
लाभ लाभ pos=n,comp=y
सत्कार सत्कार pos=n,comp=y
कीर्ति कीर्ति pos=n,comp=y
अर्थिन् अर्थिन् pos=a,g=n,c=1,n=s
परिवार परिवार pos=n,comp=y
अर्थिन् अर्थिन् pos=a,g=n,c=1,n=s
वा वा pos=i
पुनः पुनर् pos=i
उपस्थान उपस्थान pos=n,comp=y
अर्थिन् अर्थिन् pos=a,g=n,c=1,n=s
मे मद् pos=n,g=,c=6,n=s
चित्तम् चित्त pos=n,g=n,c=1,n=s
तस्मात् तद् pos=n,g=n,c=5,n=s
तिष्ठामि स्था pos=v,p=1,n=s,l=lat
काष्ठ काष्ठ pos=n,comp=y
वत् वत् pos=i