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श्लोक सूची
Appendix 2
श्रीमद्गृघ्रसर
526 सङ्कष्पकण्ण
162 सर्गस्थिति
395
श्रीमद्वेङ्कटनाथेन
563
सङ्कप्पचन्द
176
सर्वसहेति
720
श्रीमन्नभीष्टवरद
921
सङ्कल्पकल्प
715
सावित्री मुक्तानां
849
श्रीमान् नियत
927
सङ्कल्पकिङ्कर
718
सव्यान्यो
504
श्रीमान् पितामह
453
सञ्चिन्तयन्ति
402 सब्वे वि
197
श्रीवत्सेन प्रथित
683
सञ्चिन्तयामि
23
सहधर्मचरीं
791
श्रीविष्णुचित्त
748
सच्चोदिता
739 सानुक्रोशे
901
श्रुतिश्रेणी
844
सटापटल
647
सानुप्रास
710
श्रुतीनामुत्तरं
458
सटापटल
464 सान्द्रक्रोधानु
51
श्रुत्या स्मृत्या
916
सण्णअसुलहं
204
साभिप्राय
685
श्रेयस्कामा :
706 सत्कुर्वतां
370
सामान्यबुद्धि
401
श्रेयस्सूति
612
सत्तास्थिति
476
सारं लब्ध्वा
608
श्लिष्यद्भेगीन्द्र
40
सत्याद्यै :
39
सिद्धं सत्संप्रदाये
896
श्लिष्यदुद्रा
76
सत्वंस एव
426
सिद्वञ्जणं
183
श्वसितावधूत
810
सत्त्वानि नाथ
509
सिलं किमन
673
ष
सद्बुद्धि :
898
सुइसीमन्त
181
षट्त्रिंशद्गण
933
सद्भिस्त्वदेक
502
सुधाशन
826
स
सद्यस्त्यजन्ति
415
सुधासारं
847
सअलाअमाण
158
सन्तन्यमान
659
हलवक्खणति
166
सअलाण धरण
149
सन्मन्त्रवित्
812
सेवे देवि
709
सइ खविअ
146 समयोपनतै :
584
सैकां पञ्चाशतं
85
संरक्षणीय
93
समस्तजननीं
569
सौशील्य
413
संविच्छत्र
45
समाधिभङ्गेष्वपि
444
स्तोतव्यत्वं
692
संसार साअराओ
225
समाहार :
3
स्तोत्रं मया
392
संसारावर्त
917
संपद्यन्ते :
711
स्त्रीरत्नकारणं
123
सकरुणलौकिक
620
संप्रीणाति
682
स्थविरनिगम
833
सकृत्प्रपदन
949
संभावयन्
724
स्थितिमव
823
दपि
कैटभ
234
886 संभूय
551
स्थिते मनसि
940
961
सरणागओत्ति
236
स्नेहोपपन्न
525
Appendix 2
श्रीमद्गृघ्रसर
526 सङ्कष्पकण्ण
162 सर्गस्थिति
395
श्रीमद्वेङ्कटनाथेन
563
सङ्कप्पचन्द
176
सर्वसहेति
720
श्रीमन्नभीष्टवरद
921
सङ्कल्पकल्प
715
सावित्री मुक्तानां
849
श्रीमान् नियत
927
सङ्कल्पकिङ्कर
718
सव्यान्यो
504
श्रीमान् पितामह
453
सञ्चिन्तयन्ति
402 सब्वे वि
197
श्रीवत्सेन प्रथित
683
सञ्चिन्तयामि
23
सहधर्मचरीं
791
श्रीविष्णुचित्त
748
सच्चोदिता
739 सानुक्रोशे
901
श्रुतिश्रेणी
844
सटापटल
647
सानुप्रास
710
श्रुतीनामुत्तरं
458
सटापटल
464 सान्द्रक्रोधानु
51
श्रुत्या स्मृत्या
916
सण्णअसुलहं
204
साभिप्राय
685
श्रेयस्कामा :
706 सत्कुर्वतां
370
सामान्यबुद्धि
401
श्रेयस्सूति
612
सत्तास्थिति
476
सारं लब्ध्वा
608
श्लिष्यद्भेगीन्द्र
40
सत्याद्यै :
39
सिद्धं सत्संप्रदाये
896
श्लिष्यदुद्रा
76
सत्वंस एव
426
सिद्वञ्जणं
183
श्वसितावधूत
810
सत्त्वानि नाथ
509
सिलं किमन
673
ष
सद्बुद्धि :
898
सुइसीमन्त
181
षट्त्रिंशद्गण
933
सद्भिस्त्वदेक
502
सुधाशन
826
स
सद्यस्त्यजन्ति
415
सुधासारं
847
सअलाअमाण
158
सन्तन्यमान
659
हलवक्खणति
166
सअलाण धरण
149
सन्मन्त्रवित्
812
सेवे देवि
709
सइ खविअ
146 समयोपनतै :
584
सैकां पञ्चाशतं
85
संरक्षणीय
93
समस्तजननीं
569
सौशील्य
413
संविच्छत्र
45
समाधिभङ्गेष्वपि
444
स्तोतव्यत्वं
692
संसार साअराओ
225
समाहार :
3
स्तोत्रं मया
392
संसारावर्त
917
संपद्यन्ते :
711
स्त्रीरत्नकारणं
123
सकरुणलौकिक
620
संप्रीणाति
682
स्थविरनिगम
833
सकृत्प्रपदन
949
संभावयन्
724
स्थितिमव
823
दपि
कैटभ
234
886 संभूय
551
स्थिते मनसि
940
961
सरणागओत्ति
236
स्नेहोपपन्न
525