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७३६
 
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<p>
अनुबन्धः II
 

78
 

27
 
"
 

&quot;
Page. Verse Line Printed reading
 

सिध्यादद्वैतवेदा-
 

Reading in the oriya ms.
 

सिद्धा वेदैकवेद्या-
 
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2
 
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2
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मार्दीक
 
2
 
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"
 
29
 

2
&quot;
&quot;
29
प्रावृत्या
 

माध्वीक
 

प्राकृत्या-
 
"
 

&quot;
79
 

31
 

68
 

82
 

15
 

या भूत्

नामास्तां
 

यद्वः
 

साम्यास्तां
 

69
 
92
 

92
23
 

कारिण्यधि
 

कारिण्यपि
 
"
 
"
 

&quot;
&quot;
25
 

-भाव: स्व-
 

-भाव्यस्व-
 
"
 

&quot;
93
 

93
 

26
 

For
 

Read—
 
</p>
<verse>
आरोढुं ब्रह्मधाम स्फटिकमय महोत्तान सोपानपाली
 

ब्रह्माण्डे ब्रह्मणा या श्रुतिसुरसुरभेर्दुग्धदुग्धायमाना ।

सम्पद्यन्ते यदेते विभुमुकुटमणे देवि ते वामदेवे
 

सम्बन्धस्यानुबन्धात् फलमखिलमिदं जह्रुकन्येऽद्य मन्ये ॥ ९३ ॥
 
</verse>
<verse>
आरोढं ब्रह्मधाम स्फटिकमयमहोत्तानसोपानपाली
 

ब्रह्माण्डे ब्रह्मणा या श्रुतिसुरसुर भेर्दुग्धदुग्धायमाना ।
 

सङ्घातानंहसां मे बहुमहिमभरैर्भासुराणां सुराणां
 

मूर्धन्यस्यापि मूर्धन्युपरिपरिपतत्स्वर्धुनी निर्धुनीतात् ॥ ९३ ॥
 
</verse>
<verse>
त्वग्भाजी मृष्टभोजी गलगरलगिलो भूरिभोगो विभोगो

निर्यद्वैधुर्यधुर्योऽनवरत विधुरः कामधिकारकारी ।

सम्पद्यन्ते यदेते विभुमुकुटमणे देवि ते वामदेवे
 

सम्बन्धस्यानुबन्धात् फलमखिलमिदं जह्नकन्येऽद्य मन्ये ॥ ९४ ॥
 
</verse>
<p>
70
 

94
 

3
 
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2
 

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2
བ་
 

257 258
 

3 ९४ ॥
 

९५ ॥
 

95
 

7
 

मते-
 

मति-
 
"
 

&quot;
९५ ॥
 

९६ ॥
 

96
 

97
 

13 ९६ ॥
 

९७॥
 

17 ९७ ॥
 

९८ ॥
 

$3
 

98 21 ९८ ॥
 
९९॥
 

९९॥
100
 

26
 

99 25 ९९ ॥

शीर्षाणि
 

१०० ॥
 

शीर्ष्याणि
 

وو
 

ע
 
29
 

29
१०० ॥
 

१०३ ॥
 
</p>
</page>