Stotrarnava /781
This page has not been fully proofread.
62 41
31
- स्वच्छय-
63
42
2
5
४२ ॥
"
श्रीशिवशतकम्
Page. Verse Line Printed reading
"3
रीदृशालिङ्ग-
Reading in the oriya ms.
- स्वस्थय-
रीगालिङ्ग-
४३ ॥
७३५
43
8
"
- दमृतदृगा-
- दमृतमथ हगा-
9
४३ ॥
"
"
४४ ॥
44
13
४४ ॥
"
४२ ॥
45
14
परिचरत
"
46 21
कालोल-
"
परिचरतु
काकोल-
47
22
कलयता
"
कलयतात्
"
2 2
25
यास्यां
"
यस्यां
63
43
28
त्रय्या रज्ज्वा गुणानां
व्रज्यारज्यद्गुणानां
29
न्येतां
"
-न्येतं
"
64 49
49
3
- पाटवज्जा-
-पाटनाज्जा-
50
6
- लेखरेखा-
"
53
16
"
18
शौलोपलेयां
विषदभरनस-
"
2
"
54
23
-रहसं
- रभसं
"
55
24
मणिघृणिभिरथो
"
- लेख्यलेखा-
शेलोपलेयीं
विशदतरमस-
मणिभिरपि तथा
25
"
2
"
यन्मुखेन्दौ
"
65
66
526
2 50
56
26
जित्वा
62
22
-भक्ति-
यन्मुखेन्दोः
तीर्त्वा
-भक्त-
66
9
किलकलिल
"
"
68
"
2
"
2 2
10
चोहे
- किलकिलित-
भेजे
18
विषय-
विषद् -
69 22
भास्वत्सिन्दूर केन्दीवर
- भास्वत् सेन्दिन्दिरेन्दीवर -
"
"
विधया श्वेत
دو
"
70
32
"
23
25
"
27
222
-श्रयो
श्रये
"
"
2
"
وو
دو
37
"
232
स्वेतरैः
शिष्टानां
विष्टपानां
त्रयशयविषयान्
- विधयः श्वेत-
स्वैः करैः
67 74
2
13
77 24
निटिलनयनतामा
क शार्क -
दिष्टानां
पिष्टपानां
लयविषयचयान्
निटिलगनयनं चा-
क्लेशाशार्क-
31
- स्वच्छय-
63
42
2
5
४२ ॥
"
श्रीशिवशतकम्
Page. Verse Line Printed reading
"3
रीदृशालिङ्ग-
Reading in the oriya ms.
- स्वस्थय-
रीगालिङ्ग-
४३ ॥
७३५
43
8
"
- दमृतदृगा-
- दमृतमथ हगा-
9
४३ ॥
"
"
४४ ॥
44
13
४४ ॥
"
४२ ॥
45
14
परिचरत
"
46 21
कालोल-
"
परिचरतु
काकोल-
47
22
कलयता
"
कलयतात्
"
2 2
25
यास्यां
"
यस्यां
63
43
28
त्रय्या रज्ज्वा गुणानां
व्रज्यारज्यद्गुणानां
29
न्येतां
"
-न्येतं
"
64 49
49
3
- पाटवज्जा-
-पाटनाज्जा-
50
6
- लेखरेखा-
"
53
16
"
18
शौलोपलेयां
विषदभरनस-
"
2
"
54
23
-रहसं
- रभसं
"
55
24
मणिघृणिभिरथो
"
- लेख्यलेखा-
शेलोपलेयीं
विशदतरमस-
मणिभिरपि तथा
25
"
2
"
यन्मुखेन्दौ
"
65
66
526
2 50
56
26
जित्वा
62
22
-भक्ति-
यन्मुखेन्दोः
तीर्त्वा
-भक्त-
66
9
किलकलिल
"
"
68
"
2
"
2 2
10
चोहे
- किलकिलित-
भेजे
18
विषय-
विषद् -
69 22
भास्वत्सिन्दूर केन्दीवर
- भास्वत् सेन्दिन्दिरेन्दीवर -
"
"
विधया श्वेत
دو
"
70
32
"
23
25
"
27
222
-श्रयो
श्रये
"
"
2
"
وو
دو
37
"
232
स्वेतरैः
शिष्टानां
विष्टपानां
त्रयशयविषयान्
- विधयः श्वेत-
स्वैः करैः
67 74
2
13
77 24
निटिलनयनतामा
क शार्क -
दिष्टानां
पिष्टपानां
लयविषयचयान्
निटिलगनयनं चा-
क्लेशाशार्क-