Stotrarnava /780
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<page>
<ignore>७३४
</ignore>
<p>अनुबन्धः II
Page. Verse. Line
Printed reading
60 22 12
शङ्कारवारैः
2
"
13
2
"
13
कल्य
2 2
"
"
2 2
"
"
14
मनसे
"
23
3
"
22
"
23
3
"
22
18
द्यनुप[मसु]गुणैः
24
20
यद्रक्षामीति
"
"
25
26
मिह तु समासादि
61
28
7
"
"
"
"
"
"
15
28
28
"
"
"
"
शाम्यन्ता
सुकृतिषु .. खलिनीपु
8 भृता चाल
Reding in the oriya ms.
सङ्कारवारैः
कुल्य
मनसां
द्यदनुपमगुणैः
यद्रक्ष्यामीति
महह समासाद्य
शाम्यन्त्या
सुकृतिषु खलिनीयामिनीषु
भृतावाल-
नाभेः
دو
"
23 2
"
"
23 2
"
नाभिः
30
16
स्याच्छुद्धा
सा शुद्धा
"
"
यां
या
"
2
"
233
"
2
"
233
17
गुडकं
-गुलकं
32
22
32
22
व्याज-
"
33
"
33
28
नामभय-
वाज-
नां सभय-
"
"
"
"
"
"
दुर्गाः
दुर्गं
"
"
"
"
29
29
बंहयन्तु
बृंहयन्तु
62
29
36
8
9
शय्यायुगयुगल-
भुजगि-
शस्या युगयुगयुगल-
"
"
=
"
"
"
"
"
"
37
"
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,,
41
22
22
26
27
29
30
30
रक्षो-
सान्तः किरण-
- करुणं
क्रोड -
गणो
रय-
रय-
प्रोदचि
स्त्राकू शृणन्तु
३९ ॥
परिपणं
सुरनर-
४० ॥
विभो
हेतासमेता सुर-
भुजग-
रुक्षो-
सान्तःकरण-
- किरणं
क्रोध-
गणे
भय
प्रोदन
प्राग् गृणन्तु
४० ॥
परिगतौ
सुरवर-
३९ ॥
प्रभो
होता समेतासुर-
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60 22 12
शङ्कारवारैः
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कल्य
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मनसे
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द्यनुप[मसु]गुणैः
24
20
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मिह तु समासादि
61
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15
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शाम्यन्ता
सुकृतिषु .. खलिनीपु
8 भृता चाल
Reding in the oriya ms.
सङ्कारवारैः
कुल्य
मनसां
द्यदनुपमगुणैः
यद्रक्ष्यामीति
महह समासाद्य
शाम्यन्त्या
सुकृतिषु खलिनीयामिनीषु
भृतावाल-
नाभेः
دو
"
23 2
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नाभिः
30
16
स्याच्छुद्धा
सा शुद्धा
"
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यां
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22
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नामभय-
वाज-
नां सभय-
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भुजगि-
शस्या युगयुगयुगल-
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सान्तः किरण-
- करुणं
क्रोड -
गणो
रय-
रय-
प्रोदचि
स्त्राकू शृणन्तु
३९ ॥
परिपणं
सुरनर-
४० ॥
विभो
हेतासमेता सुर-
भुजग-
रुक्षो-
सान्तःकरण-
- किरणं
क्रोध-
गणे
भय
प्रोदन
प्राग् गृणन्तु
४० ॥
परिगतौ
सुरवर-
३९ ॥
प्रभो
होता समेतासुर-
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