Proofing

2026-05-10 06:30:18 by akprasad

This page has been fully proofread once and needs a second look.

<page>
<title text="27_START">
२७. ॥ अथ श्रीत्यागराजाष्टकम् ॥
 
</title>
<verse>
चन्द्रार्धचूडाय सदाशिवाय साम्बाय लक्ष्मीपति सेविताय ।

भक्तानुरक्षाय महेश्वराय त्यागाधिराजाय नमः शिवाय ॥ १ ॥
</verse>
<verse>
सुमेरुचापाय सुशोभनाय ब्रह्मेन्द्रनारायाणवन्दिताय ।
 

वाचाम <delete>(धी) </delete><add>[ती]</add>ताय मनोन्मनाय त्यागाधिराजाय नमः शिवाय ॥२॥
</verse>
<verse>
वेदान्तवेद्याय विभूतिदाय विराजमानाय शुचिस्मिताय ।

शुद्धाय सूक्ष्माय सुरार्चिताय त्यगाधिराजाय नमः शिवाय ॥ ३ ॥
 
</verse>
<verse>
देवादिदेवाय जगन्मयाय जन्मादिहीनाय निरञ्जनाय ।

राजाधिराजाय सुरेश्वराय त्यागाधिराजाय नमः शिवाय ॥ ४ ॥
 
</verse>
<verse>
रत्नादिभूषाय जटाधराय कल्पान्तहीनाय कलाधराय ।

कालान्तकायाखिलनायकाय त्यागाधिराजाय नमः शिवाय ॥ ५ ॥
</verse>
<verse>
पञ्चाननाय फणिराजविभूषणाय स्वर्गापवर्गफलदाय विमोक्षणाय ।

मीमांसकादिभुवनत्रयप।पालकाय त्यागाधिराजगुरवे च नमः शिवाय ॥ ६ ॥
 
</verse>
<verse>
मुक्ताय लोकस्य परात्पराय पञ्चाक्षरीपाठकमोक्षणाय ।

नेत्राग्निरूपा जगत्त्रिणेत्रे त्यगाधिराजाय नमः शिवाय ॥ ७ ॥
 
</verse>
<verse>
सिंहासनस्थाय दिगम्बराय शीतांशुवर्णाय जटाधराय ।
 

श्रीपार्वतीशाय सदाशिवाय त्यागाधिराजाय नमः शिवाय ॥ ८ ॥
 
</verse>
<trailer text="27_END">
॥ इति श्रीत्यागराजाष्टकं सम्पूर्णम् ॥
 
</trailer>
<title text="28_START">
२८. ॥ अथ श्रीषड्डूर्णमन्त्राष्टकम् ॥
 
</title>
<verse>
धनुर्धरित्रीधरसार्वभौमो मौर्वी च दर्वीकरसार्वभौमः ।
 

शरस्तु सर्वामर सार्वभौमः पायात्स नो दैवतसार्वभौमः ॥ १ ॥
</verse>
<verse>
वेदान्ततत्त्वमथितं नवनीतसारं चिद्रूपदृक् परमशैव रहस्यमन्त्रम् ।

ज्योतिर्मयोज्ज्वलनिरञ्जनरूपमन्त्रं वन्दे षडक्षरिसदाशिवनाममन्त्रम् ॥ २॥
 
</verse>
<verse>
अश्रान्तदुर्भवसमुद्रतरीशमन्त्रं पापाम्बुराशिबडा<fix>व</fix>डबानलतुल्यमन्त्रम् ।

ब्रह्माच्युतेन्द्रसुर मौलिजपैकमन्त्रं वन्दे षडक्षरिसदाशिवनाममन्त्रम् ॥ ३ ॥
</verse>
<verse>
कामादिवर्गविपिनप्रलयाग्निमन्त्रं दुर्दोषशैलकुलिशाधिकभीममन्त्रम् ।

मायान्धकारपरिशोषितभानुमन्त्रं वन्दे षडक्षरि सदाशिवनाममन्त्रम् ॥ ४ ॥
 
</verse>
</page>