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श्रीत्यागराजस्तवः
 
शुद्धम (जु) [६] लतालकाहलशङ्खदिव्यवरप्रिय
नृत्तगीतरसज्ञ नित्यसुगन्धिगौरशरीर भो ।
चारुहास सुरादिपूजित पूजनीयपदाम्बुज
 
त्यागराज दयानिधे कमलापुरीश्वर पाहि माम् ॥ ४ ॥
सर्पराज विभूषाणाव्यय चित्सभेश सदाशिव
 
नन्दिभृङ्गि गणेश वन्दितसुन्दराङ्घ्रिसरोरुह ।
 
वेदशेखर सर्व सुग्रह नामरूप दयाकर
 
त्यागराज दयानिधे कमलापुरीश्वर पाहि माम् ॥ ५ ॥
 
सारमोहमहान्धकारदिवाकराखिलभुक्तिद
 
चैकनायक पादपङ्कजसङ्गिचित्तजनामृत ।
 
पापतूलहुताशनाखि [तु] लकोपवन्मुनिपूजित
 
त्यागराज दयानिधे कमलापुरीश्वर पाहि माम् ॥ ६ ॥
 
पङ्कजासनसूत वेदतुरङ्ग मेरुशरासन
 
भानुचन्द्ररथाङ्ग भूरथ शेषशायिशिलीमुख ।
मन्दहासशिलीमुख त्रिपुरा राम्बुधे बेडबानल
 
त्यागराज दायानिधे कमलापुरीश्वर पाहि माम् ॥ ७ ॥
 
दिव्यरत्नमयासनस्थितमेरुतुल्यमहारथ
 
छत्रचामर बर्हिबर्हसमूह दी [ दि] व्यशिखामणे ।
नित्य शुद्ध महावृषध्वज निर्विकल्प निरञ्जन
 
त्यागराज दयानिधे कमलापुरीश्वर पाहि माम् ॥ ८ ॥
 
सर्वलोकविमोहनास्पद तत्पदार्थ वियत्पते
 
शक्तिविग्रह युक्त्यदीन सुवर्णवर्ण विभूतिमन् ।
पापकेतुदिवाकराक्ष परात्परामितकीर्तिमन्
 
त्यागराज दयानिधे कमलापुरीश्वर पाहि माम् ॥ ९॥
 
तात मत्कृतपापवारण दक्षयज्ञभयङ्कर
 
दारुकावनतापसाधिपसुन्दरीजनमोहक ।
व्याघ्रपादपतञ्जलिस्तुतिसान्द्रसादृशशैलज
 
त्यागराज दयानिधे कमलापुरीश्वर पाहि माम् ॥ १० ॥
॥ इति श्रीत्यागराजस्तवः सम्पूर्णः ॥
 
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