Stotrarnava /42
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40
40
शुद्धाशुद्धसूची
पृष्ठम्
पङ्क्तिः अशुद्धः
शुद्धः
489
22
परीण
पारीण
490
9
कर्परो
कर्पूरो
491
6
जन्ममाण
जृम्भमाण
22
वैजयन्ती
वैजयन्तीं
"
496
25
शेभितैः
शोभितैः
26
"
चकलुद्रमैः
वकुलद्रुमैः
497
8
श्रो
502
25
506
16
वामङ्गा
सम्पूर्णम्
श्री
सम्पूर्णम्
वामाङ्गा
508
30
निवे
निवे
509
10
पङ्कज
510
15
त्यगा
पङ्कज
त्यागा
24
"
बडानल
511
4
सर्वोऽपि
वडवानल
सर्वोप
7
"
क्षाभाग
क्ष्माभाग
"
9
पडवर्ण
512
16
ध्वानिः
पडुर्ण
ध्वनिः
514
22
शिवो
शिवे
516
14
एष
एपः
"
"
دو
26
प्रतिपदायत
अमूर्त
517
12
निउन
"
22
519
17
ब्रह्मण्य
522
21
प्रदयिनीं
525
7
महिमा
"
11
गोरो वनदि
526
25
जाल. डू फुर
527
3
चिन्यो
528
7
निरति व्यान्दा
531
25
लोहपाला
533
17
घण
13
वानान्यघोषैः
प्रतिपादयति
अमूर्त
तिउन्
रम्भे
ब्रह्मण्य
मद यिनीं
महिलां
गोरोचन. दि
जाल ङ् फुर
चिन्त्यो
निरतिशयानन्दा
लोकपाल:
घणघण
वाद्यान्यघोषैः
40
शुद्धाशुद्धसूची
पृष्ठम्
पङ्क्तिः अशुद्धः
शुद्धः
489
22
परीण
पारीण
490
9
कर्परो
कर्पूरो
491
6
जन्ममाण
जृम्भमाण
22
वैजयन्ती
वैजयन्तीं
"
496
25
शेभितैः
शोभितैः
26
"
चकलुद्रमैः
वकुलद्रुमैः
497
8
श्रो
502
25
506
16
वामङ्गा
सम्पूर्णम्
श्री
सम्पूर्णम्
वामाङ्गा
508
30
निवे
निवे
509
10
पङ्कज
510
15
त्यगा
पङ्कज
त्यागा
24
"
बडानल
511
4
सर्वोऽपि
वडवानल
सर्वोप
7
"
क्षाभाग
क्ष्माभाग
"
9
पडवर्ण
512
16
ध्वानिः
पडुर्ण
ध्वनिः
514
22
शिवो
शिवे
516
14
एष
एपः
"
"
دو
26
प्रतिपदायत
अमूर्त
517
12
निउन
"
22
519
17
ब्रह्मण्य
522
21
प्रदयिनीं
525
7
महिमा
"
11
गोरो वनदि
526
25
जाल. डू फुर
527
3
चिन्यो
528
7
निरति व्यान्दा
531
25
लोहपाला
533
17
घण
13
वानान्यघोषैः
प्रतिपादयति
अमूर्त
तिउन्
रम्भे
ब्रह्मण्य
मद यिनीं
महिलां
गोरोचन. दि
जाल ङ् फुर
चिन्त्यो
निरतिशयानन्दा
लोकपाल:
घणघण
वाद्यान्यघोषैः