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१६
 
मन्त्रप्र०
 
सुप॒र्णोऽसि म॒रुत्मा॑सि॒
सुप्र॒जाः प्र॒जाः प्र॑ज॒नय॒न्
 
सुब॒र्हिर॒ग्निः पूषण्वान्स्ती
 
सभाष्यशुक्लयजुर्वेदपरिशिष्टेषुमन्त्राणामकारादिकोशः ।
 
भ० कं०
 
मन्त्रप्र०
 
अ० कं०
 
मन्त्रप्र०
 
अ० कं.
 
१२
 
19
 
२१
 
भूः स्वयंभूः प्र॑थ॒मो
 
२३
 
६३
 
g । स्वर्णवर्मः स्वाहा॒ स्वर्णा
१८ स्वत॑वश्च प्रघा॒ासी च
१५ । स्व॒र्यन्ति॒ो नापैक्षन्त॒ आ
स्वयंभूर॑सि॒ श्रेष्ठ र॒श्मिः
 
१८
 
५० होता॑ यक्ष॒त्तनूनपा॑तमूर्ति
 
२८ २
 
१७
 
८५ होता॑ यक्षत्ति॒स्रो देवी:
 
२८
 

 
१७
 
६८ होता॑ यक्षत्ति॒स्रो देवीर्न
 
२१
 
३७
 

 
२६ । होता॑ यक्ष॒त्पेश॑स्वती
 
२८
 
सु॒मि॒त्रि॒या न॒ आप॒ ओष॑
 
३५
 
१२ । स्वयं वा॒ज॑िस्त॒न्वं कल्पय
 
२३
 
सु॒मत्रि॒या न॒ आप॒ ओष॑
 
३६
 
२३
 
स्वराड॑सि सपबहा
 
१५ होता यक्ष॒त्प्रचे॑तसा
५ २४ होता॑ यक्षप्र॒जाप॑ति॒V
 
२८ ३०
 
mm
 
३१
 
२३ ६४
 
सु॒मि॒त्रि॒या न॒ आप॒ ओष॑
 
स्वराड॒स्युदी॑ची दिङ्
 
१५
 
३८
 
२३
 
सुसमिद्धाय शोचिषे
 
स्वांकृतोसि विश्वे॑भ्य
 
१३ । होता॑ यक्ष॒त्त्वष्टर॒मिन्द्र॑
 

 

 
३ २
 
सु॒रावन्तं बहि॒षद॑♛
 
स्वांकृ॑तोसि॒ विश्वे॑भ्य इन्द्र
 
होता यक्षत्समिधानं
 

 

 
१९
 
३२
 
सु॒ष॒र॒थिरश्वा॑नव॒य
 
३४
 
सुवीरों वीरान्प्रज॒नय॒न्
 
सु॒ष्टुतिसु॑मती॒वृधो॑ रा॒ति २२ १२ स्वाद्वीं त्वा॑ खादुना॑ तीव्र
 
स्वादि॑ष्ठया॒ मदि॑ष्ठया॒
 
२६ २५
 
७ १३
 
स्वादुप॒सद॑ः पि॒तरो॑ वयो
 
२९
 
४६
 
१९
 
,
 
1
 
सुषुम्णः सूर्य॑रश्मिश्च॒न्द्र
 
१८ ४०
 
स्वाहा॑ पू॒ष्णे शर॑से॒ स्वाहा॒
 
होता॑ यक्षत्सुपेशसा
 
२८ ९
 
२८ २४
 
होता॑ यक्षत्स॒मिधा॒ग्निमि॒ड २१ २९
 
होता॑ यक्षत्स॒मिधेन्द्र॑मि॒ड २८ १
होता॑ यक्ष॒त्सर॑स्वती॑ मे॒ष २१ ४४
 
२८ २८
 
३८
 
१५
 
सुसंदृशं त्वा व॒यं
 
स्वाहा॑ प्रा॒णेभ्य॒ः साधि॑
 
होता॑ यक्षत्सु॒पेश॑स॒षे
 
२१ ३५
 
३९
 

 
३ ५२
 
सुप॒स्था अ॒द्य दे॒वा॑ वन॒
 
स्वाहा॑ म॒रुद्धः परिश्रीय
 
होता॑ यक्षत्सुब॒र्हिषं
 
२८ २७
 
३७
 
१३
 
२१ ६०
 
सूर्य एकाकी च
 
स्वाहा॑ य॒ज्ञं मन॑स॒ स्वाहो
 

 

 
होता॑ यक्षत्स॒रेत॑समृष॒भं २१ ३८
 
२३ १०
 
सूर्य की चर
 
सूर्यत्वचसः स्थ राष्ट्रदा
सूर्यरश्म॒िर्हरिकेशः पुर
सूर्य॑स्य॒ चक्षुरारो॑हा॒ग्नेः
सो अ॒ग्निर्यो वसु॑र्गृ
सोम॑ः पवते॒ सोम॑ः पवते
सोम॒ध॒राजा॑न॒मव॑से॒ग्निं
 
सोम॑ राजन्विश्वा॒स्त्वं प्रजा
सोम॑म॒च्यो व्य॑पिब॒त्
 
१०
 
१७ ५८
 
सोम॑स्य॒ त्विषि॑र॒सि॒ तवे॑व १०
 
सोम॑स्य॒ त्वा द्यु॒म्नेना॒
 
सोम॑स्य रू॒पं तस्य॑
सोम॑स्य॒ त्विषि॑रसि
सोमान॒स्वरु॑णं कृणुहि
 
स्वाहा॑ य॒ज्ञं वरु॑णः सुव॒
 
२१
 
२२
 
होता॑ यक्षत्स॒रेत॑सं॒
 
२८
 
२३ ४६
 
स्वाहा॑ रु॒द्राय॑ रु॒द्रहु॑तये
 
होता॑ च॒त्स्वाहा॑कृती
 
२८
 
३८
 
१६
 
meme me me
 

 
३४
 

 
स्वैद॑क्ष॒र्दक्ष॑पिते॒ह सीद॑
 
होता॑ यक्षद॒ग्निस्वाहा॒
 
२१
 
४०
 
१४
 

 
होता॑ यक्षद॒ग्निस्वि॑ष्ट॒कृ
 
२१
 
४७
 
8 ३२
 
ह.
 
१५ ४२ हु ँसः शु॑चि॒षद्वसु॑रन्त
 
होता॑ यक्षद॒श्विनो॒ौ छाग॑स्य
 
२१
 
४१
 
१०
 
२४
 
२१
 
ह॒क्षु॑सः अ॑चि॒षद्वसु॑रन्त
 
होता॑ यक्षद॒श्विनो॒ौ छाग॑स्य
 
२१
 
४३
 
१२
 
१४
 

 
२६
 
हर॑यो धूमकैतवो वार्त
 
होता॑ यक्षद॒श्विनो॒ सर॑स्वती २१
 
४२
 
३३
 

 

 
२६ हविर्धानं यदश्विना
 
होता॑ यक्षडिभि॒िरिन्द्र
 
२८
 

 
१९
 
१८
 
१९ ७४
 
ह॒विष्म॑तीरि॒मा आपो॑ ह॒वि ६
हस्त॑ आ॒धाय॑ सवि॒ता
 
२३
 
होता॑ यक्षदि॒डेडत आ
 
२१
 
३२
 
होता॑ यक्षदि॒डेन्य॑मीड
 
२८
 
२६
 
११
 

 
हिङ्काराय स्वाहा हिताय २२
 

 
होता॑ अ॒दिन्द्र॒ स्वाहा
 
२८
 
११
 
१० १७
 
१९ १५
 
हि॒मस्य॑ त्वा ज॒राय॒णा
 
होता॑ अ॒दिन्द्र॑मृष॒भस्य॑
 
२१ ४५
 
१७
 

 
१०
 
१५ । हिरण्मये॑न॒ प
 
होता॑ यक्षदुषे इन्द्र॑स्य
 
२८ ६
 
४०
 
१७
 
३ २८ हिरण्यगर्भः सम॑वर्त॒ता
 
होता॑ यक्ष॒दोजो न वी॒र्यु
 
२८
 
१३
 

 
सोमा॑य कुलङ्ग आ॑र॒ण्यो
 
२४
 
३२
 
हिरन्यगर्भः सम॑वर्तत
 
होता॑ यक्ष॒द्दुरो॒ दिश॑ः कव॒
 
२३
 
२१
 
३४
 
सोमा॑य ल॒बानाल॑भते॒
 
२४
 
२४
 
हिर॒ण्य॒ग॒र्भः सम॑वर्त॒ता
 
२५
 
१०
 
१ होतो यहव्या होतारा
 
२८
 
१७
 
सोम॒ राजा॒मृत॑सु॒त
 
सोमा॑ ह॒ सानाल॑भते २५
 
सोमो॑ धे॒नु♛सोमो अर्व॑न्त ३४
 
सौरी ब॒लाका॑ शार्ङ्गः सृ॑ज॒यः २४ ३३ हिर॑ण्यशूद्रोऽथो अस्
 
२२
 
हिर॑ण्यपाणिमृ॒तये॑ सवि॒
 
२२
 
होता यक्षव्या होतारा
 
१०
 
२१
 
३६
 
२१
 
हिरण्यपाणिः सवितावि
 
३४
 
२५ होता यक्षद्धर्हिरूणादा
 
२१
 
३३
 
हिरण्यरूपा उ॒षस
 
१०
 
१६
 
होता॑ यक्षद॒र्हिषीन्द्र॑मी
 
२८
 

 
१९ ७२
 

 
૨૮
 
२०
 
होता॑ यक्षि॒द्वन॒स्पति॑षं॒
 
ઢ १०
 
तोकानामिन्दुं प्रतिशूर
 
२०
 

 
हिर॑ण्यहतो असु॑रः सु
 
३४
 
२६ होता॑ यक्ष॒द्वन॒स्पति॑♛
 
२८ ३३
 
स्तीर्ण बर्हिः सुष्टरीमा
 
२९
 
४] हृ॒दे त्वा॒ मन॑से॒ त्वा द्विवे
 
होता॑ यक्षद्वन॒स्पति॑मभि
 

 
२५
 
२१
 
४६
 
स्थिरो भ॑व वीङ्ग
 
११
 
४४ । हृ॒दे त्वा॒ मन॑से॒ त्वा दिवे
 
३७
 
१९ होता॑ यक्ष॒द्वन॒स्पति॑श
 
२१
 
३९
 
स्योना पृथिवि नो भवा
 
३६
 
१३ हेमन्तेन॑ ऋ॒तुना॑ दे॒वा
 
२१
 
२७ होता॑ यक्षि॒द्व्यच॑स्वती:
 
२८
 
२८
 
स्योना पृथिवि नो भवा
स्य॒नासि॑ सु॒षदा॑सि
 
३६
 
१३ । होता॑ध्व॒र्युराव॑या अग्निमि
 
२५
 
२८ होता॑ यक्षराशसं
 
२१
 
३१
 
१०
 
२६ होता॑ यक्षि॒तनूनपा॑तं
 
२१
 
२५
 
हस्व देवि पृथिवि
 
११
 
६९
 
स्व॒गा त्वा॑ दे॒वेभ्यः॑ प्र॒जाप॑त्र २२
 
४ होतो यश॒तनूनपात्सरे
 
२१
 
३० । बृहदिन्द्रा॑य गायत
 
२०
 
३०