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नाम.
 
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कुमारसंभव - कालिदासकृत और मल्लिनाथकृत संजीवनीटीकासमेत
जिसमें पार्वतीजोकी उत्पत्ति ब्रह्माजीका तारकासुरसे क्लेशित देवोंको
शिक्षा मदन दहन रतिविलाप पार्वतीक तयका उदय पार्वतीका
शिवजीते विवाह करनेके निमित्त हिमवान्के पास सप्तऋषियोंको
भेजकर विवाहका निश्चय और शिवपार्वतीजीका विवाह विधि-
पूर्वक वर्णन है.
 
1111
 
भामिनीविलास-महावीरप्रसाद द्विवेदीकृत भाषाटीका सहित इसमें
प्रस्ताविकविलास शृंगारविलास करुणाविलास शान्तविलासादि
विषय हैं
 
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**B
 
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तथा मूलमात्र
भर्तृहारेशतक - नीति,
 
शृंगार, वैराग्य भापाटीका समेत इसके अनन्तर
नीतिशतकमें निंद्राम विद्वत्प्रशंसा मानशौर्य प्र० दुर्जननिन्दा सुजन
प्रशंसा धैर्य प्रशंसा देवप्रशंसा कर्मप्रशंसा और शृंगारशतकमें पट्
ऋतुवर्णन दुर्विरक्तवर्णन त्रीणांपरित्याग प्र० यौवन प्र०कामिनीग्रहण
सुविरक्त और वैराग्यशतकमें तृष्णाधिकार मदनविडंवन त्रिषयोंका
रूपतिरस्कार दुर्जन पुरुषों की निन्द्राहास्यका वर्णन भोगपद्धति काम-
निवेंद्रताका स्वरूप इत्यादि वर्णन हैं देखनेही योग्य है
गीतगोविंद – राधाविनोद्सहित भाषाटीका जयदेव गोस्वामीकृत इसमें
अति ललित संकृतमें रागमय राधाकृष्णका प्रेममय भक्तिकी गानेकी
चीजें विद्यमान हैं
 
33
 
तथा मूल
 
संपूर्ण पुस्तकोंका "वडा सूचीपत्र " अलग है विनादाम भेजाजाताहै मँगालीजिये.
 
पुस्तक मिलनेका ठिकाना-
1. खेमराज श्रीकृष्णदास,
 
15
 
"श्रीवेङ्कटेश्वर" स्टीम् मेस बम्बई.
 
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को० रु०३०
 
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