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पञ्चसूक्तानि
 
वैदिकग्रन्थाः
 
॥ क्रय्य संस्कृतपुस्तकानि ॥
 
रू.
 
अ.
 
०
 
३
 
०
 
रू. अ.
 
पुराणानि इतिहासग्रन्थाः
 
३ । बालरामायणम्
 
३ । श्रीमद्वाल्मीकिरामायणम् -
२ मूलमात्रम् (सम्पुटद्वयम् )
 
०
 
०
 
३
 
" बालकाण्डः
 
O
 
१००
 
१ ८
 
रुद्रन मकचमकम् सस्वरम्
सन्ध्यावन्दनम् (याजुषम् )
 
दर्शर्पणम्
 
पञ्चायतन पूजा
 
त्रिकाण्डसारार्थबोधिनी -
(श्रीविद्यामन्त्रभाष्यात्मिका) १
 
तैत्तिरीयोपनिषत् -
ब्रह्ममेधसहिता सस्वरा
 
-महात्रिपुरसुन्दरी पूजाकल्पः
 
" किष्किन्धाकाण्डः
 
८
 
" अयोध्याकाण्डः
 
...
 
२
 
८
 
, आरण्यकाण्डः
 
१
 
८
 
8
 
१
 
८
 
२
 
०
 
३०
 
१ ०
 
०
...
 
श्रीवैष्णव सन्ध्यावन्दनम्
श्रीवैष्णवाह्निकम् - (याजुषम् )
 
- माह्निकम्
 
,, सुन्दरकाण्डः
 
४
 
०
 
८
 
"
 
युद्धकाण्डः
 
०
 
१०
 
८
 
२
 
०
 
Vedic Law of Marriage q
व्रतरताकरः
 
→ वेदान्तग्रन्थाः
 
श्रीमद्भगवद्गीता - (मूलमात्रम्) ०
श्रीमद्भगatar With English
Translation by A.
 
Mahadeva Sastri...
 
८
 
श्रीमन्महाभारतम् — अष्टादश
(१८) सम्पुटात्मकम्
 
...
 
७०
 
о
 
श्रीमद्भागवतम् – (मूलमालम् )
 
सम्पुटद्वयम्
 
१५
 
तर्क, व्याकरणग्रन्थाः ०
 
८
 
०
 
तर्कसङ्ग्रहः, न्यायबोधिनी-
निरुक्ति-पदकृत्यसहितः
 
श्रीमद्भगवद्गीता - संस्कृत
विडश्लोकैः द्रविड तात्पर्येण
 
च सहिता
ब्रह्मसूत्राणि - (मूलम् )
 
२
 
८
 
O ०
 
४
 
उपनिषत्सु (Minor Upani-
 
shads Vol. I)
 
...
 
२
 
'दक्षिणामूर्तिस्तोत्रम् - दक्षिणा-
मृयुपनिषदादयः (Minor
Upanishads Vol. II ) ४
 
विवेकचूडामणिः
 
°
 
०
 
१२
 
४
 
१
 
0
 
शब्दमञ्जरी - (दृढ पत्रात्मिका)
तिङन्तमञ्जरी: धातुपाठसहिता •
लघुसिद्धान्तकौमुदी
 
• निघण्टुग्रन्थाः
 
अमरकोशः - (मूलमानम् )
संस्कृतान्धनिघण्टुः
 
०
 
०
 
८ संस्कृतद्राविडनिघण्टुः
 
१
 
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(मुद्रणे)
• ( मुद्रणे )