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कदम्ब - वन -शालया
देवी स्तोत्राणि
कुचभरोल्लसन्मालया
कुचोपमित-शैलया
गुरुकृपा - लसद्वेलया ।
मदारुण - कपोलया
मधुर गीत- वाचालया
कयापि घन - नीलया
कवचिता वयं लीलया ॥
कदम्ब - वन - मध्यगां
कनक- मण्डलोपस्थितां
षडम्बुरुह - वासिनीं
-
सतत - सिद्ध-सौदामिनीम् ।
विडंबित - जपारुचिं विकच
चन्द्र- चूडामणि
त्रिलोचन - कुटुम्बिनीं
त्रिपुरसुन्दरीम् आश्रये ॥
कुचाञ्चित-विपञ्चिकां
कुटिल - कुन्तलालङ्कृतां
कुशेशय निवासिनीं
कुटिल-चित्त-विद्वेषिणीम् ।
मदारुण - विलोचनां
मनसि - जारि - सम्मोहिनीं
मतङ्ग-मुनि-कन्यकां
मधुर भाषिणीम् आश्रये ॥
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कदम्ब - वन -शालया
देवी स्तोत्राणि
कुचभरोल्लसन्मालया
कुचोपमित-शैलया
गुरुकृपा - लसद्वेलया ।
मदारुण - कपोलया
मधुर गीत- वाचालया
कयापि घन - नीलया
कवचिता वयं लीलया ॥
कदम्ब - वन - मध्यगां
कनक- मण्डलोपस्थितां
षडम्बुरुह - वासिनीं
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सतत - सिद्ध-सौदामिनीम् ।
विडंबित - जपारुचिं विकच
चन्द्र- चूडामणि
त्रिलोचन - कुटुम्बिनीं
त्रिपुरसुन्दरीम् आश्रये ॥
कुचाञ्चित-विपञ्चिकां
कुटिल - कुन्तलालङ्कृतां
कुशेशय निवासिनीं
कुटिल-चित्त-विद्वेषिणीम् ।
मदारुण - विलोचनां
मनसि - जारि - सम्मोहिनीं
मतङ्ग-मुनि-कन्यकां
मधुर भाषिणीम् आश्रये ॥
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