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<ignore>देवी स्तोत्राणि</ignore>
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सुरासुरासेवित पादपङ्कजा
 
देवी स्तोत्राणि
 

करे विराजत्कमनीय पुस्तका ।

विरिञ्चि - पत्नी कमलासनस्थिता

सरस्वती नृत्यतु वाचि मे सदा ॥
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सरस्वती सरसिज - केसरप्रभा
 

तपस्विनी श्रित- कमलासन - प्रिया ।

घनस्तनी कमल-विलोल लोचना

मनस्विनी भवतु वरप्रसादिनी ॥
 
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सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणी ।

विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा
 
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सरस्वति नमस्तुभ्यं सर्वदेवि नमो नमः ।

शान्तरूपे शशिधरे सर्वयोगे नमो नमः ॥
 
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नित्यानन्दे निराधारे निष्कलायै नमो नमः ।
 

विद्याधरे विशालाक्षि शुद्धज्ञाने नमो नमः ॥
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शुद्ध - स्फटिक - रूपायै सूक्ष्मरूपे नमो-नमः ।

शब्दब्रह्म चतुर्हस्ते सर्वसिद्ध्यै नमो नमः ॥
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मुक्तालङ्कृत सर्वाङ्ग्यै मूलाधारे नमो नमः ।

मूलमन्त्रस्वरूपायै मूलशक्त्यै नमो नमः ॥
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मनोन्मणि महायोगे वागीश्वरी नमो नमः ।

वाग्म्यै वरद - हस्तायै वरदायै नमो नमः ॥
 
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वेदायै वेदरूपायै वेदान्तायै नमो नमः ।

गुणदोष विवर्जिन्यै गुणदीप्त्यै नमो नमः ॥
 
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