देशीशब्दकोश /450
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विक्किय -- संस्कृत, सुधारा हुआ ( दहाटी प २२१ ) ।
विक्केणुअ
विक्ख -- नपुंसक का एक प्रकार - 'विक्खो य संढो वा वि णरेतरो'
विक्वं
विक्खंभ -- १ बीच का भाग, अंतराल ( आवचू २ पृ १२३; दे ७
विष
विक्खण
विक्खास
विविख
विक्खिण्ण
विगड -- निर्जीव, प्रासुक - 'विगतजीवं विग
विगरणी -- भंजन
विगलि -- अरण्य - 'धीरा वाएण उदीरिएण विगलिम्मि ओलाइया'
(
विग्गुत
विग्गोव
विचिक्की -- वाद्य-विशेष ( राज ७७ ) ।
विच्च
(अ
विच्चग -- स्तूप - 'थूभा पुण विच्चगा होंति' ( निभा १५३५ ) ।
विच्चोअअ -- उपधान, तकिया ( दे ७
विच्छडु -- १ समूह, निकर ( से २
-
विच्छिअ -- १ पाटित, विदारित । २ विचित, चुना हुआ । ३ विरल
(दे ७७६१) ।
विच्छेअ -- १ विलास । २ जघन ( दे ७
विच्छोलिअ -- धौत, धोया हुआ - 'धोअं विच्छोलिअं' ( पा
विच्छोह -- विरह, वियोग (
विजढ -- परित्यक्त ( उ ३६।८२
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