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श्लोकानुक्रमणिका
 
४१९
 
राज्ञां वेष्टन
 
I.
 
5 शून्यमित्यभिधा
 
I.
 
44
 
I.
 
49
 
शूराणां सत्यस
 
II.
 
66
 
रामेण भुक्त
 
I. 43
 
शौण्डीय धृतिवि
 
II.
 
54
 
रिपूणां सैन्य
 
II.
 
14
 
श्मशानाद्धनुरा
 
II.
 
61
 
रुद्रबाणावली
 
II.
 
62
 
सज्जैश्वापैबंद्ध
 
II.
 
लङ्घयित्वा जवेना
 
III.
 
10
 
सयौवनः श्रेष्ठ
 
II.
 
वनं सवृक्ष
 
I.
 
13
 
सरथ तुरंग
 
II.
 
51
 
22.
 
35
 
32
 
वयं व्यपाश्रित्य
 
III.
 
14
 
सर्वैरन्त: पुरैः
 
I.
 
2
 
वर्षेण वा वर्ष
 
I.
 
47
 
सहज मे प्रहरणं
 
II.
 
55
 
वल्मीकमलाद्
 
I.
 
10
 
स्रुग्भाण्डमरणी
 
I.
 
16
 
विशालवक्षास्त
 
II.
 
43
 
हन्त सर्वे
 
III.
 
26
 
शकटी च घृता
 
I.
 
8
 
हितमपि परु
 
I.
 
शु
 
J.
 
12 हतप्रवेगो यदि
 
III.
 
==
 
38
 
11
 
४७