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प्रतिज्ञा यौगन्धरायणे
 
व्यक्तं बलं
 
I.
 
4. सेनाभिर्मनसा
 
III.
 
व्यवहारेष्व
 
III.
 
3.
 
स्त्रीजनेना
 
IV.
 
व्रीलितो वञ्चनां
 
I. 7.
 
स्नातस्य यस्य
 
III.
 
शक्ता दर्पयितुं
 
III.
 
5.
 
त्रिग्धं च सौ
 
I.
 
शत्रुं पश्यन्तु
 
II.
 
10.
 
स्निग्धेष्वासज्यं
 
I.
 
श्रुतिसुखमधुरा
 
II.
 
12.
 
हत्वा गजानू
 
IV.
 
±± ± 6 3 +
 
4.
 
24.
 
4.
 
6.
 
3.
 
4.
 
सुभद्रामिव
 
III.
 
7.
 
हस्तप्राप्तो हि
 
IV.
 
19
 
५२